कायमगंज। नगरपालिका में करोड़ों के घोटाले के आरोपी तत्कालीन लेखाकार व ईओ पर गाज गिरने के बाद अब कई जिम्मेदारों का भी फंसना तय माना जा रहा है। पुलिस ने ईओ को पहले ही आरोपी बना दिया है। पुलिस का कहना है इस घोटाले में नगरपालिका के अन्य जिम्मेदार भी शामिल हैं।
नगरपालिका के तत्कालीन लेखाकार राम सिंह ने वर्ष 2016-17 में फर्जी दस्तावेजों से अपने दो बेटों व दो दामादों सहित 42 संविदा कर्मियों को विनियमित कर दिया था।
सभी को एक वर्ष तक वेतन दिया गया जबकि नियमानुसार 2001 या इससे पहले के संविदा कर्मियों को विनियमित किया जाना था। मामला खुलने पर नगरपालिका की ईओ सीमा तोमर ने 30 मई 2019 को कोतवाली में राम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
ईओ प्रमोद श्रीवास्तव व लेखाकार को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। इस मामले में पुलिस ने ईओ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को भी आरोपी बना दिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट लेने का प्रयास किया तो ईओ व लेखाकार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगा दी थी।
पुलिस ने ईओ के निवास आजमगढ़ में भी तलाश किया, लेकिन वे नहीं मिले। जानकारी के मुताबिक ईओ प्रमोद श्रीवास्तव रिटायर हो चुके हैं। उनकी पेंशन पर रोक लगा दी गई है। दो दिन पहले लेखाकार राम सिंह बर्खास्त कर दिया गया।
इन दोनों पर गाज गिरने के बाद अब उस समय नगरपालिका में रहे कई जिम्मेदारों का फंसना तय माना जा रहा है। सीओ राजवीर सिंह गौर व इंस्पेक्टर डॉ. विनय राय ने बताया कि नगरपालिका में फर्जी नियुक्तियां या जो भी घोटाला हुआ है उसमें कई जिम्मेदार भी शामिल हैं। फिलहाल दर्ज मुकदमे की विवेचना जारी है।
कायमगंज। नगरपालिका की सभासद रूबी गिरि, पूजा शुक्ला व आमिर खां ने 6 मई 2019 को ईओ सीमा तोमर से शिकायत की थी कि वर्ष 2013-14 में तत्कालीन ईओ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव व लेखाकार राम सिंह ने खुद के नाम व कुछ अन्य नामों से पालिका के बैंक खाते से करीब 2 करोड़ रुपये निकाल लिए।
उन्होंने शिकायती पत्र के साथ जिन तारीखों में चेक काटे गए उसका विवरण, धनराशि व 65 चेकों के नंबर दिए थे। इस विवरण के मुताबिक 1 करोड़ 55 लाख की रकम प्रमोद श्रीवास्तव के नाम निकाली गई।
साथ ही 26,4000 का चेक राम सिंह के नाम काटकर धन निकाला गया। इसके अलावा सुभाष, किशनपाल, संजीव, अरशद के नाम से 5 लाख 88 हजार के चेक काटकर धन निकाला गया।
इस मामले में एसडीएम सदर व कोषाधिकारी ने जांच की थी और नगरपालिका से पत्रावलियां मांगी थीं। इस मामले में सीमा तोमर ने बताया कि इस मामले में जिला स्तर से जांच हुई थी। जो भी पत्रावली मांगी गई थी वह दे दी गई थी। जांच में क्या हुआ उन्हें जानकारी नहीं है।
तत्कालीन ईओ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD