फर्रुखाबाद। एआरटीओ और पीटीओ से मारपीट के बाद सूचीबद्ध किए गए एआरटीओ कार्यालय के 61 दलालों के संबंध में बुधवार को पुलिसकर्मियों ने जांच की। लाइसेंस अनुभाग कर्मी से दलालों के काम करने के तरीके की जानकारी ली और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए लोगों से लिए गए शुल्क की जानकारी ली। मारपीट में शामिल रहे दलालों के नाम व मोबाइल नंबर की सूची भी बनाई।
करीब 15 दिन पहले एआरटीओ कार्यालय से 61 दलालों की सूची जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के पास भेजी गई थी। इसकी जांच कर्नलगंज चौकी इंचार्ज तेजबहादुर सिंह को दी गई है। बुधवार को दो सिपाही जांच के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। दलालों के नाम की पुष्टि कर उनकी दुकानों के फोटो लिए।
एआरटीओ और पीटीओ से मारपीट में शामिल रहे दलालों के नाम व मोबाइल नंबर की सूची अलग बनाई। पुलिस आने की खबर पर कई दलाल अपनी दुकानें बंद करके चले गए। सिपाहियों ने लाइसेंस अनुभाग में संविदा कर्मी सचिन से दलालों के काम करने व लाइसेंस की फीस की जानकारी की। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए पूछा कि लाइसेंस के एवज में कितने रुपये लिए गए हैं। चौकी इंचार्ज ने बताया कि जांच की जा रही है।