लोहिया अस्पताल में मरीजों को देखते डॉ. गौरव मिश्रा।
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लोहिया महिला अस्पताल में बुधवार को सीएमएस और एक महिला डाक्टर ने ओपीडी संभाली। मरीजों को देखा और उनको दवा लिखी। भीड़ होने के कारण मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ी। पुरुष अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण पहले दिखाने के होड़ में मरीजों में धक्कामुक्की होती रही।
लोहिया महिला अस्पताल में बुधवार को सुबह से भीड़ होने लगी। डॉ. श्वेता तिवारी और प्रभारी सीएमएस डॉ. कैलाश ने मरीजों को कक्ष में बैठकर देखा और उनको दवा लिखी। बुधवार को ओपीडी में 247 मरीजों ने पंजीकरण कराया। प्रभारी सीएमएस के अलावा एक महिला डॉक्टर के होने के कारण उनके कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। पहले दिखाने की होड़ में महिलाएं आपस में धक्कामुक्की करती रहीं। होमगार्ड ने महिलाओं की लाइन लगा कर एक एक मरीज को अंदर भेजा।
प्रभारी सीएमएस डा. कैलाश ने बताया कि कुछ डाक्टर अवकाश पर हैं और जिन डाक्टर ने नाइट ड्यूटी की थी, वह दिन में नहीं आते हैं। इस कारण यह दिक्कत हुई। वैसे भी अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। वहीं, पुरुष अस्पताल में बुधवार को ओपीडी में 1162 मरीजों ने पंजीकरण कराया। यहां पर फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार के कक्ष में मरीजों की काफी भीड़ लगी रही। मरीज अंदर जाने को लेकर धक्कामुक्की करने लगे। इसको लेकर विवाद होने लगा। जैसे तैसे कर्मचारियों ने मरीजों को शांत कराया। डॉ. गौरव मिश्रा और डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. मनोज पांडेय के कक्षों में भी मरीजों की भीड़ रही। दवा देने में देरी होने पर मरीजों ने शोरशराबा शुरू कर दिया। यह देखकर प्रभारी सीएमओ डा. अशोक कुमार ने मरीजों को देखकर दवा देने के लिए तीन प्रशिक्षु फार्मासिस्टों को लगाया।