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जर्जर भवन, विद्यालय के बाहर होती है पढ़ाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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कंपिल (फर्रुखाबाद)। शिक्षा विभाग की लापरवाही और सरकार की अनदेखी के कारण बच्चे दहशत में शिक्षा लेने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। कंपिल क्षेत्र के इकलहारा प्राथमिक विद्यालय के कमरों में न दरवाजे हैं न ही खिड़की। फर्श में टूटी हुई ईंटें बिछी हैं। फर्नीचर की तो बात करना भी बेमानी है। सर्दी, गर्मी या बरसात हर मौसम में कक्षा खुले आसमान के नीचे ही लगती है। विद्यालय का स्टाफ भी दहशतजदा रहता है।

गुणवत्तापरक शिक्षा और सुविधाओं के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। इसके बावजूद विद्यालयों के भवनों को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा। इकलहरा प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर है। बरसात के मौसम में यहां की छत टपकती हैं। यहां पंजीकृत सौ से ज्यादा बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि जबसे विद्यालय की बिल्डिंग बनी है तब से कभी मरम्मत नहीं हुई। इससे बच्चों पर हर वक्त खतरा मंडरा रहा है। बारिश में पानी टपकता है और कक्षाओं में छात्र उसी अव्यवस्था में पढ़ने को मजबूर हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि डर के कारण गांव के कुछ बच्चे विद्यालय जाते ही नहीं हैं। इमारत देखकर परिजन भी जबरदस्ती नहीं करते हैं।

प्रधानाध्यापक मोहम्मद हाशिम ने बताया कि अनहोनी के डर से बच्चों को कक्षा के अंदर बैठाकर नहीं पढ़ाया जाता। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हुई। यहां हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ओडीएफ घोषित हो चुका गांव, स्कूल के शौचालय खंडहर
कायमगंज ब्लाक का इकलहरा गांव को अधिकारी ओडीएफ घोषित कर चुके हैं। लेकिन यहां के विद्यालय को देखकर यह आंकड़ा फर्जी नजर आता है। विद्यालय का शौचालय जीर्ण शीर्ण हालत में है। इसका दरवाजा भी टूटा हुआ है। इससे विद्यालय की छात्राओं को बहुत समस्या होती है। इस विषय में डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि मई में नई योजना ऑपरेशन परिकल्प आई है। उसमें इस विद्यालय के शौचालय को दुरुस्त करवा दिया जाएगा। अभी लगभग दो माह की छुट्टियां होने के कारण काम नहीं करवाया जा सका। हालांकि गंगा किनारे गांवों को पहले ही ओडीएफ घोषित करने के सवाल को उन्होंने टाल दिया।
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पिछली बार प्रभारी मंत्री के साथ समीक्षा बैठक में इकलहरा और बौरा का मुद्दा उठाया था। बीएसए ने अभी तक ना कोई डिमांड की ना ही कोई इस्टीमेट बनाया। अब मै लखनऊ जाकर शिक्षामंत्री से इस बारे में बात करूंगा। - अमर सिंह खटिक, विधायक, कायमगंज

विद्यालयों की देखरेख की जिम्मेदारी अब ग्राम प्रधान को दे दी गई है। मैं उनसे बात कर के आगे की कार्यवाही कराऊंगा। - बेगीश गोयल, प्रभारी बीएसए
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