कायमगंज। मंडी समिति स्थित सरकारी खरीद केंद्र पर धान खरीद शुरू हुए दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मात्र 68 क्विंटल की खरीद ही हो सकी है।
बाजार में धान के दाम समर्थन मूल्य से काफी कम होने के कारण किसान खरीद केंद्र की ओर तो पहुंच रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं की लापरवाही उनकी मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
किसानों का कहना है कि खरीद केंद्र पर कभी मजदूर नहीं मिलते, तो कभी ई-पॉस मशीन का सर्वर घंटों डाउन रहता है, जिससे तौल नहीं हो पाती। शुक्रवार को तीन ट्राली धान लेकर किसान पहुंचे, लेकिन पूरे दिन सर्वर डाउन रहने के कारण खरीद बंद रही।
दीपपुर नगरिया के किसान विनय मिश्रा ने बताया कि वे बृहस्पतिवार शाम से धान लेकर लाइन में थे, पर तौल न होने से उन्हें खाली लौटना पड़ा। मिलर्स धान की गुणवत्ता खराब बताकर माल रिजेक्ट कर रहे हैं, इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
इधर, मक्का और बाजरा की खरीद सुचारू रूप से जारी है। एक अक्टूबर से अब तक 7500 क्विंटल मक्का और 1750 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये क्विंटल है, जबकि बाजार में यह 1800 रुपये में बिक रहा है। वहीं बाजरा का एमएसपी 2775 रुपये है, पर बाजार कीमत करीब 2100 रुपये चल रही है।
धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये क्विंटल है, जबकि किसान बाजार में मात्र 1600 रुपये में बेचने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि हालात न सुधरे तो उन्हें मजबूरन धान औने-पौने दाम पर बाजार में बेचना पड़ेगा। केंद्र प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सर्वर डाउन रहने से खरीद प्रभावित हुई, साथ ही वे सरकारी कार्य से तहसील गए थे।