फर्रुखाबाद। ऑनलाइन मनी गेमिंग (सट्टे) का मकड़जाड़ जिले में भी फैला है। इनमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग फंसा है। लोग अपनी कमाई का मोटा हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग में डालकर बर्बाद कर रहे हैं। इसके चलते घरों में लड़ाई-झगड़े तक हो रहे हैं। अवसाद में आकर लोग आत्महत्याएं भी कर रहे हैं। सट्टे पर तो पुलिस अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है लेकिन ऑनलाइन गेमिंग पर उसका ध्यान नहीं है। सरकार के ऑनलाइन मनी गेमिंग पर अंकुश लगाने के निर्णय से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
जिले में हर माह ऑनलाइन मनी गेमिंग (ऑनलाइन सट्टे) का कारोबार लगभग आठ से 10 करोड़ रुपये का है। शहर से लेकर गांव तक में लोग ऑनलाइन मनी गेमिंग खेल रहे हैं। शहर के मोहल्ला नुनहाई, पक्कापुल, साहबगंज चौराहा, रेलवे रोड व पक्कापुल समेत कई ऐसे मोहल्ले हैं, जिनमें एजेंट लोगों को ऑनलाइन मनी गेमिंग में जोड़ते हैं। यह लोग व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन मनी गेमिंग का लिंक भेजकर उन्हें जुड़ने के लिए कहते हैं। विदेशी कॉलें भी लोगों के पास पहुंचती हैं, जो उन्हें विभिन्न ऑनलाइन मनी गेमिंग के बारे में विस्तार से जानकारी भी देते हैं। एविएटर, रमी, जैकपॉट जैसे गेम खेलकर लोग अपनी गाढ़ी कमाई बर्बाद कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक एजेंट ने बताया कि जिले में लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये माह ऑनलाइन मनी गेमिंग का कारोबार है।
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केस-1
ऑनलाइन सट्टा में रुपये हारकर इन लोगों ने मौत को लगाया गले
पत्नी ने रुपये नहीं दिए तो जहर खाकर दे दी थी जान
जिला कन्नौज थाना छिबरामऊ क्षेत्र के गांव कमालपुर निवासी सतेंद्र शाक्य ने मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव टिलियन के पास चार जून 2025 को कार में जहर खाकर जान दे दी थी। छानबीन में पता चला कि सतेंद्र ने पत्नी पूजा से ऑनलाइन गेम खेलने के लिए रुपये मांगे। जब पत्नी ने मना किया तो उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
केस-2
10 हजार रुपये हारने पर लगाया था फंदा
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवरई मठ निवासी मानसिंह शाक्य के पुत्र सोनू शाक्य (21) ने 13 अगस्त को घर के पास आम के बाग में रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी थी। भाई सत्यवीर ने बताया था कि सोनू मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलता था, जिसमें करीब 10 हजार रुपये हार गया। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा ली थी।
ऑनलाइन सट्टा बंद होने से कई घर बर्बाद होने से बचेंगे
फोटो-11, सत्येंद्र सिंह।
मोहल्ला नुनहाई निवासी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पैसों से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम बंद होने से कई घर बर्बाद होने से बच जाएंगे। सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है।
युवा पीढ़ी बर्बाद होने से बचेगी
फोटो-12,संतोष दुबे ,स्थानीय
सिकत्तर बाग मोहल्ला के रहने वाले संतोष दुबे ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग में फंसकर युवा गलत कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। इन गेमों के बंद होने से युवा पीढ़ी बर्बाद होने से बच जाएगी।
बोले जिम्मेदार
जिले में सट्टा व जुआ पर पुलिस ने अंकुश लगा रखा है। सरकार ऑनलाइन मनी गेमिंग (जुआ) पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है। शासनादेश के तहत पुलिस ऑनलाइन गेम (सट्टा) खेलने वालों पर प्रभावी कदम उठाएगी।
- डॉ. संजय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद