कमालगंज। कई बेसहारा लोग परिवार से भी निराश्रित हैं और उन्हें किसी प्रकार की पेंशन भी नहीं मिलती। मनरेगा जॉबकार्ड भी नहीं हैं और न ही राशन कार्ड हैं। विकास खंड के ऐसे 991 लोगों को कोरोना महामारी में खाने-पीने की समस्या को देखते हुए एक-एक हजार रुपये राहत धनराशि बैंक खातों में दी गई है।
खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल का कहना है कि राशन कार्ड विहीन करीब 1800 लोगों के आवेदन पत्र आए हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। जांच में यदि कोई ऐसा व्यक्ति और भी निकलेगा जो बेसहारा हो, किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो, भूमिहीन हो तो उसका नाम भी एक हजार रुपये माह दी जाने वाली राहत के लिए सूची में शामिल कराया जाएगा।