फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस के नियंत्रण को चल रहे लॉकडाउन में सरकारी कर्मचारी भी मनमानी तरह से ड्यूटी कर रहे हैं। सीडीओ के आदेश पर सोमवार को ग्राम पंचायत सचिवों को फोन किया गया तो अधिकांश के मोबाइल स्विच आफ मिले, जबकि कुछ ने तो काल रिसीव ही नहीं की। इस पर डीपीआरओ ने ऐसे 11 सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया।
डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने कायमगंज ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत सचिव विवेक कुमार, कमालगंज के मोहम्मद जीशान, नीरू दीक्षित, शमसाबाद के ज्ञानचंद्र, नृपेंद्र शर्मा, अरुण यादव, राजीव श्रीवास्तव, राजेश कुमार, नवाबगंज के गौरवेंद्र पाल सिंह, मोहम्मदाबाद के कुंवर यशपाल सिंह, अनुपम बाजपेई को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) जैसी महामारी की रोकथाम से संबंधित ग्रामीण क्षेत्र की सचिवों के माध्यम से सूचनाएं एकत्र की जाती हैं।
13 अप्रैल को वार रूम सचिवों की लोकेशन लेने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिले या काल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद किसी भी सचिव ने काल बैक भी नहीं की। वहीं कायमगंज बीडीओ ने सचिव विवेक कुमार के कई दिन से न आने की जानकारी दी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। इससे स्पष्ट है कि सचिवों द्वारा क्षेत्र में काम न कर जानबूझकर मोबाइल बंद कर लिए गए जो उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना है। इन सभी सचिवों को तीन दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।