फर्रुखाबाद। बालिका से दुष्कर्म के नौ वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जनपद एटा क्षेत्र के एक ग्रामीण ने थाना मेरापुर में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि वह पत्नी और 11 वर्षीय पुत्री के साथ 12 मई 2017 को रिश्तेदार की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। शाम करीब 6:30 बजे बालिका शौच करने के लिए खेत की ओर गई थी। इसी दौरान दो लोगों ने पकड़कर दुष्कर्म किया। किशोरी किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर परिजन तक पहुंची और घटना की जानकारी दी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के दौरान मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव श्योगनपुर पमरखिरिया निवासी नीतेन्द्र उर्फ सिन्टू के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को 7 मई को दोषी करार दिया था।