फर्रुखाबाद। सदर तहसीलदार, लेखपाल, वकील समेत चार लोग बैनामा में हेराफेरी करने के मामले में फंस गए हैं। इन सभी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। बैनामा के अभिलेख में हेराफेरी करने के साथ ही रुपये हड़पने का आरोप लगा है।
कमालगंज के गांव मकरंद नगर बसहा निवासी राम प्रताप सिंह ने सदर तहसीलदार आरपी चौधरी, लेखपाल नरेश बाबू, अधिवक्ता विकास सक्सेना और मकरंद नगर बसपा निवासी विनोद कुमार की पत्नी विनीता देवी के खिलाफ अदालत में परिवाद दायर किया है।
इसमें आरोप लगाया कि 26 अगस्त 2014 को 2.12 लाख रुपये में विनीता को प्लाट बेचा था। विनीता ने 1.23 लाख रुपये उधार लिए थे। उन्होंने दाखिल खारिज के दौरान रुपये वापस किए जाने का वादा किया था। रुपये मांगने पर विनीता ने देने से इनकार कर दिया। 15 दिन पूर्व वह तहसील सदर गया तो पता चला कि विनीता देवी ने तहसीलदार, लेखपाल और अधिवक्ता से साठगांठ कर बैनामा के अभिलेख में हेराफेरी कर दाखिल खारिज करा लिया। सीजेएम ने परिवाद दर्ज कर लिया है।