लोगों को कम समय में बिना थानों के चक्कर काटे न्याय दिलाने की मंशा से
चालू किए गए शिकायती नंबर के प्रचार-प्रसार पर आए आईजी आशुतोष पांडेय ने
रविवार को जनता से सीधे संवाद किया। उन्होंने पुलिस से हर प्रकार का सहयोग
दिलाने का भरोसा दिया। कहा कि पुलिस की टरकाने, टहलाने और टकराने की
संस्कृति को बदलने के लिए ही नई व्यवस्था शुरू की गई है।
सीपी सभागार
में आयोजित बैठक में आईजी ने कहा कि अधिकारियों के हर समय मीटिंगों में
व्यस्त रहने और फरियादियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को ध्यान में रखकर
ही उन्होंने प्रदेश में पहली बार शिकायती नंबर 0512-2310512 की शुरुआत की
है। इसके माध्यम से आम जनता को कुछ ही घंटों में बिना पैसा खर्च किए और
थाने के चक्कर काटे बिना समस्या का समाधान किया जा सकता है। कहा कि इस
प्रयोग की सफलता को देखकर गृह विभाग
के प्रमुख सचिव ने इसे पूरे प्रदेश में
लागू करने की योजना बनाई है। इससे बड़े अपराधों को रोकने में भी पुलिस
कामयाब हो सकेगी। पुलिस को बड़े अपराधों को रोकने की तो ट्रेनिंग दी जाती
है पर आम जनता की समस्याओं के निस्तारण की ट्रेनिंग नहीं दी जाती। यही कारण
है कि पुलिस आम जनता की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरंदाज करती है। पुलिस
अपनी लटकाने, टरकाने और टहलाने की संस्कृति के कारण सम्मान खोती जा रही है।
कहा कि जब
फरियादी को 24 घंटे में न्याय मिल जाएगा तो पुलिस के भ्रष्टाचार
पर भी अंकुश लग जाएगा। उन्होंने इस योजना से अधिक से अधिक लोगोें को
जोड़ने की अपील की। पूर्व पालिकाध्यक्ष मिथलेश अग्रवाल ने कहा कि तहसील
स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों को अधिक लाभ होगा। वर्तमान में
लोग पुलिस के पास जाने से डरते हैं। जिस दिन पुलिस और पब्लिक में मैत्री
संबंध स्थापित हो जाएगा उस दिन अपराधों पर भी अंकुश लग जाएगा। एसपी विजय
यादव
ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर से समस्याओं के समाधान में गुणात्मक सुधार
आया है। एसडीएम बीडी वर्मा ने कहा कि पुलिस जनता के बीच संवाद स्थापित करने
का प्रयास करे तभी जनता को न्याय मिल सकता है। इस दौरानरामप्रकाश यादव
कल्लू, पवन गुप्ता, मनोज कौशल, संजय गुप्ता, अमित सेठ, उमेश गुप्ता, नरेश
पालीवाल, शंभूदयाल कौशल, दिनेश
राठौर, परशुराम चेतना मंच के मुकेश दुबे,
दीपक शुक्ला, गुंजन चतुर्वेदी आदि ने आईजी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित
किया। बैठक में सत्यप्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मीनरायन अग्रवाल, रश्मि दुबे,
शमसाबाद चेयरमैन विजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, राजेश प्रधान, पियूष यादव,
एएसपी आरबी चौरसिया, सीओ मोहम्मदाबाद लेखराज सिंह आदि मौजूद रहे।