फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं की निगरानी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) युक्त हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे 24 घंटे स्ट्रांग रूम की भी निगरानी करेंगे। बिजली जाने पर भी कैमरे बंद नहीं होंगे।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नकलविहीन परीक्षा कराए जाने के लिए इस बार परिषद बार परीक्षा केंद्रों पर एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी कर रहा है। एआई युक्त कैमरे लगने से बिजली जाने के बावजूद प्रश्नपत्रों की निगरानी कैमरों के माध्यम से होती रहेगी। स्ट्रांग रूम में एआई युक्त कैमरे लगाए जाने के पीछे मकसद है कि प्रश्नपत्रों की निगरानी गहनता से की जाए।
परिषद को आशंका रहती थी कि सीसीटीवी कैमरे बंद कर प्रश्नपत्रों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, मगर जब एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगेंगे तो प्रश्नपत्रों से छेड़छाड़ का डर खत्म हो जाएगा। वैसे तो उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है, जहां बिजली आपूर्ति, जेनरेटर व इन्वर्टर की व्यवस्था होती है। फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ केंद्र ऐसे बन जाते हैं, जहां बिजली कटौती की शिकायतें बनी रहती हैं। एआई युक्त कैमरे लगने से स्ट्रांग रूम की निगरानी करने में दिक्कत नहीं होगी।
यही नहीं लाइव वेबकास्टिंग व स्ट्रांग रूम का लाइव फीड भी मिलता रहेगा। एआई युक्त कैमरों पर होने वाला खर्च परिषद वहन करेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर परिषद विचार कर रही है। जिले में हाईस्कूल में 24 हजार व इंटर में 21 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत हैं।