अब गर्भवती को घर तक छोड़ेगी एंबुलेंस
फर्रुखाबाद। गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब किसी भी गर्भवती को निजी वाहन से अस्पताल आने-जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें घर तक छोड़ने और लेने के लिए एंबुलेंस जाएगी। इस नई सुविधा को महिलाओं और उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए सभी सीएचसी, पीएचसी पर हेल्प डेस्क का शुरू कर दी गई है।
दूरदराज गांवों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक आने और वापस जाने में बड़ी दिक्कतें हो रही थीं। अब तक जानकारी के अभाव में निजी वाहन अथवा बैलगाड़ी, तांगा आदि से अस्पतालों तक पहुंचना मजबूरी था। अब 108, 102 एंबुलेंस सेवा प्रबंधन की तरफ से जनता तक सेवाओं को और ज्यादा पहुंचाने की मंशा से जिले भर की सीएचसी, पीएचसी और लोहिया महिला अस्पताल में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ कर दिया गया है।
लोहिया अस्पताल की हेल्प डेस्क पर निकिता और योगेश, राजेपुर में मुस्कान और डीपी सिंह, शमसाबाद में अंकित पांडेय, कायमगंज में हरिगोविंद और सुलभ सिंह, कमालगंज में श्याम सिंह, रवि सिंह, मोहम्मदबाद सीएचसी पर अवनीश को लगाया गया है। अन्य अस्पतालों में भी स्टाफ की तैनाती की गई है।
यह स्टाफ अस्पतालों की ओपीडी में टीकाकरण समेत अन्य किसी भी काम से आने वाली गर्भवती महिलाओं अथवा उनके परिजनों से संपर्क करेंगी। उन्हें घर से एंबुलेंस से आने और उससे ही वापस जाने की जानकारी देंगी। एंबुलेंस मंगवाने के तरीके को भी समझाया जाएगा। इससे गर्भवती माताओं की दिक्कतें कम हो जाएंगी। आर्थिक हानि भी नहीं होगी।
‘किसी भी गर्भवती महिला को अस्पताल तक किराए के वाहन से आने की जरूरत नहीं है। एक फोन करके उसे एंबुलेंस घर पर ही मिल जाएगी। यही नहीं उसे वापस घर तक छोड़ा भी जाएगा। हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी इस सुविधा की जानकारी सभी को दे रहे हैं।’ -सौरभ कुमार, प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस।
स्टाफ के सहयोग से एंबुलेंस में गूंजी किलकारी
फर्रुखाबाद। शमसाबाद ब्लाक के गांव सुल्तनापुर की अंजली पत्नी अनुज कुमार को प्रसव पीड़ा हुई। कायमगंज सीएचसी से एक एंबुलेंस गर्भवती को घर से लेकर अस्पताल जा रही थी, तभी मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मंगलीपुर गांव के पास ज्यादा तेज पीड़ा होने पर एंबुलेंस के स्टाफ ने सहयोग करके प्रसव कराया। उसने बेटे को जन्म दिया। (संवाद)