छह ग्राम पंचायतों में एक भी श्रमिक को नहीं मिला काम
कमालगंज। क्षेत्र पंचायत कार्यालय सभागार में बुधवार को पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों की मौजूदगी में मनरेगा की समीक्षा हुई। छह ग्राम पंचायतों में बुधवार को एक भी मनरेगा श्रमिक के कार्य पर न लगे होने की जानकारी पर रोजगार सेवकों को चेतावनी दी गई। कहा गया कि ग्राम पंचायत में जिस दिन श्रमिकों की संख्या शून्य होगी, रोजगार सेवक को उस दिन का मानदेय नहीं दिया जाएगा।
समीक्षा में पाया गया कि बुधवार को ग्राम पंचायत देवरान गढ़िया, आलूपुर, चंदनपुर, भड़ौसा, लक्ष्मन नगला व जीरागौर में एक भी मनरेगा श्रमिक काम पर नहीं लगा है। पोर्टल पर ये ग्राम पंचायतें शून्य श्रमिक वाली हैं। बीडीओ राजेश बघेल ने कहा कि शून्य श्रमिक वाले दिन का मानदेय रोजगार सेवक को नहीं मिलेगा। अधिक ग्राम पंचायतों में ऐसी स्थिति पर सहायक कार्यक्रम अधिकारी व पंचायत सचिव पर कार्रवाई होगी।
गांव में एक या दो कार्यों की कार्ययोजना ही फीड कराने वाले सचिवों की क्लास लगाई गई। कहा गया कि कम कार्यों की फीडिंग से खतरा यह है कि उनकी जियो टैगिंग पूरी न हो पाई तो ग्राम पंचायत शून्य मनरेगा कार्य की श्रेणी में चली जाएगी। सचिवों को निर्देश दिए गए कि कार्यालय के रजिस्टर में मनरेगा के सभी कार्य चढ़ाए जाएं।
बीईओ रंगनाथ चौधरी ने प्रधानाध्यापकों द्वारा भेजे गए स्कूलों में 18 बिंदुओं से संबंधित सुविधाओं का सूचना प्रपत्र बीडीओ को दिया। बीडीओ ने प्रपत्र सचिवों को सौंपते हुए कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए। सहायक कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप यादव, एडीओ सुरेश चंद्र पाल, आलोक दुबे, प्रभात यादव, रंजीत, धर्मेंद्र पाल आदि भी मौजूद रहे।
सोशल डिस्टेंस का नहीं हुआ पालन
118 ग्राम पंचायतों के मनरेगा कार्यों की एक साथ समीक्षा से सभागार में कुर्सियां कम पड़ गईं। पीछे बैठे रोजगार सेवकों को पास-पास बैठना पड़ा। ऐसे में सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं होता दिखा।