फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक से ऋण न मिलने से परेशान युवक ने लगाई फांसी

विज्ञापन
मनीष उर्फ मनु का फाइल फोटो। - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
व्यापार के लिए ऋण लेने को प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत उद्योग केंद्र से पास होकर बैंक पहुंचे आवेदन पर ऋण नहीं दिया गया। बैंक अफसरों की मांग पूरी न कर पाने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बैंक अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

युवक का मरने से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें उसने बैंक मैनेजर पर दस प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। मौत का जिम्मेदार भी बैंक मैनेजर को ठहराया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव पपियापुर निवासी मनीष शर्मा उर्फ मनु (25) वेल्डिंग की दुकान डालना चाहता था। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत आवेदन किया था।
उद्योग केंद्र से पत्रावली स्वीकृत होकर बैंक पहुंची। मनु पांच माह से बैंक के चक्कर लगा रहा था। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे बिजाधरपुर के एक बाग में पेड़ पर उसका शव लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव फंदे से उतारा। कुछ ही देर में परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन

मनु के बड़े भाई शनि शर्मा ने बताया कि उनकी पांचाल घाट पर ग्रिल, शटरिंग की दुकान है। मनु वेल्डिंग की दुकान करना चाहता था। मंगलवार शाम तीन बजे मां शोभा देवी से दुकान पर जाने की बात कहकर चला गया था लेकिन वहां नहीं पहुंचा। रात को घर भी वापस नहीं आया तो आसपास खोजबीन की और रिश्तेदारी में भी जानकारी की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
सुबह शव की सूचना पर रेलवे रोड चौकी प्रभारी राजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा। भाई ने बताया कि मनु ने नरायनपुर स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से पांच लाख के ऋण का आवेदन किया था। वह कई महीने से बैंक के चक्कर लगा रहा था लेकिन अधिकारी उससे 40 हजार रुपये मांग रहे थे।
इससे मनु परेशान था। सोमवार को वह खुद बैंक अफसरों से मिलकर हाथ-पैर जोड़कर आया था। भाई की परेशानी को भी अवगत करा दिया था। मंगलवार सुबह मनु बैंक गया, तो फिर कोई बात हुई थी। इससे वह गुमसुम घर आया और शाम को उसने इसी पीड़ा के चलते अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मनु अविवाहित था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें