सूखा का अंदेशा गहरा रहा है। इसके चलते जिला प्रशासन ने महकमों को अलर्ट कर
दिया है। हालांकि सूखा से निपटने की तैयारी अभी तक कागजों पर ही है। यह
जमीन पर उतरना शुरू नहीं हुई है। जून का पहला सप्ताह गुजर गया है। अभी से
कार्रवाई शुरू भी हुई तो यह महीना निकल जाएगा।
जून की शुरुआत से ही
पारा कहर बरपा रहा है। यह 43 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है।
मानसून की फिलहाल गुंजाइश नहीं है। इससे सूखा का अंदेशा बढ़ गया है।
विभागाें की तैयारी कागजी है। सबसे ज्यादा मुश्किल पेयजल को लेकर है। अभी
तक न तो हैंडपंप सही हो पाए और न ही तालाब भरे जा सके हैं। पेयजल संकट शहर
और देहात दोनों जगह
है। तालाबों को भरवाने और हैंडपंप सही कराने का फरमान
मई में ही जारी कर दिया गया था। इसे नहीं माना गया। सिंचाई का भी संकट है।
16 राजकीय नलकूप ठप पड़े हैं। इन्हें दुरुस्त नहीं कराया जा सक ा है। नहरों
का पानी टेल तक नहीं पहुंचता है।
एडीएम मनोज सिंघल कहते हैं कि सूखा व
बाढ़ से निपटने के लिए मुकम्मल तैयारी है। इस बार सूखा की आशंका ज्यादा लग
रही है। जरूरत पर सेना, पीएसी की भी मदद ली जाएगी। दैवी आपदा के तहत देहात
इलाकाें में एक बार प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। इसे फिर से दिलाया
जाएगा।
सूखा को लेकर संजीदा नहीं दिख रहे अफसर
कलेक्ट्रेट
सभागार में मंगलवार को सूखा व बाढ़ राहत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कई
जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे। एडीएम मनोज सिंघल ने महकमों के अधिकारियों
की बैठक ली। यहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कु मार, जिला कृषि
अधिकारी एके सचान, उपनिदेशक कृषि एके सिंह, एक्सईएन जल निगम पंकज यादव,
एसडीएम सदर सुनील वर्मा नहीं
पहुंचे। तहसीलदार भी नदारद रहे। इस पर एडीएम
ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि गैरहाजिर रहने वालों से स्पष्टीकरण
मांगा जाएगा। एडीएम ने गैरहाजिर रहने वालों से शाम तक कार्ययोजना तलब की
है। बैठक में एडीएम कायमगंज बीडी वर्मा, डीएसओ हिमांशु द्विवेदी, डीपीआरओ
गिरीश चंद्र आदि मौजूद रहे।
देहात इलाकों में पेयजल की स्थिति
कुल हैंडपंप -25380
खराब हैंडपंप -234
अस्थायी खराब -17
स्थायी खराब -217
पशुओं में टीकाकरण की व्यवस्था
एचएस वैक्सीन -86000
सीप पोक्स -2000
पशु चिकित्सालय -25
पशु सेवा केंद्र -84
पद -135(अधिकारी/ कर्मचारी )
तैनाती -71(अधिकारी/ कर्मचारी )
मुश्किलें और भी हैं
- शहर पालिका में 138 हैंडपंप होने हैं रीबोर।
- 16 राजकीय नलकूप पड़े खराब।
-अमृतपुर में 32 तालाबों में नहीं भरा गया पानी।
- तय नहीं हो पाए शरणालय।
- तालाबों को भरवाने के लिए ग्राम पंचायताें के पास नहीं है बजट।
यह होना है
- सभी विक ास खंडों में 50-50 हैंडपंप होंगे रीबोर।
- गोताखोर, नाविकाें के नाम,पता व मोबाइल नंबर का बनेगा डाटा।
- जेसीबी मालिकों का रखा जाएगा रिकार्ड।
- शहर व देहात में हैंडपंपों की होगी मरम्मत।
- पेयजल केे लिए तैयार रहेंगे टैंकर।
कंट्रोल रूम नंबर
* 05692-234021
* 05692-235421
* 1077