फर्रुखाबाद में देश महात्मा गांधी के पद चिह्नों पर चलने को आज भी तैयार है। वस्त्र छपाई उत्पाद से 10-15 हजार लोगों को काम मिल रहा है। यही काम यदि ब्लाक प्रिंटिंग से होने लगे, तो एक लाख लोगों को रोजगार मिलना तय है।
लोकतंत्र सेनानी चंद्रपाल वर्मा ने जटवारा जदीद में शिवनरायन वर्मा, राममुरारी शुक्ला, पंकज शाक्य और चंद्रशेखर के साथ बैठक की। कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन से साफ है कि अब गांव की ओर कुटीर उद्योगों का रुख होने जा रहा है।
गांवों में न तो सोशल डिस्टेंस की दिक्कत होगी और न ही प्रदूषण की। चावल, दालें, आटा, सभी मसाले, अचार आदि तमाम उत्पात गांवों में ही तैयार होना शुरू हो जाएं, तो शहर के मिलावट खोरों से निजात मिलना तय है। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गए कदम की सराहना की। कहा कि इसे सच्चे मन और ईमानदारी से अंजाम तक ले जाना चाहिए। ऐसे में शहरियों का गांवों की ओर पलायन होना तय है।