मिशन अस्पताल में अपनी मांगों के बारे में जानकारी देते लैब टैक्नीशियन। संवाद
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फर्रुखाबाद में कोरोना संदिग्ध मरीजों का नमूना लेने को संविदा लैब टेक्नीशियन लगातार काम कर रहे हैं। शासनादेश के अनुसार 14 दिन ड्यूटी के बाद उन्हें क्वारंटीन व भोजन की व्यवस्था न होने से वे खुद व परिजनों को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर दो दिन से विरोध कर रहे हैं। इसके चलते मिशन अस्पताल में नमूने भी नहीं लिए गए। लैब टैक्नीशियन एसोसिएशन (संविदा) के अध्यक्ष नरेंद्र मिश्र, महामंत्री शिवम राजपूत ने डीएम, सीडीओ व सीएमओ को पत्र भेजकर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। नरेंद्र ने बताया के लोहिया, मिशन अस्पताल व मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज के फैसिलिटी सेंटर में कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग कर रहे हैं।
शासन के निर्देशानुसार एक्टिव-पैसिव टीम को 14 दिन का क्वारंटीन, भोजन व जलपान की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इस संबंध में कहने पर धमकाया जा रहा है। दबाव बनाकर काम कराने का प्रयास किया जा रहा।
इसके विरोध में उन लोगों ने मिशन अस्पताल में मंगलवार और बुधवार को नमूने नहीं लिए। उन्होंने कोविड-19 में लगे कर्मियों को रोस्टर के अनुसार सुविधाएं दिए जाने की मांग की। कहा कि क्वारंटीन सुविधाएं न मिलने पर लैब टेक्नीशियन व सभी संविदा कर्मी एक साथ जेल जाने को भी तैयार हैं। मीडिया प्रभारी संजय सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।