फर्रुखाबाद। उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ से आए प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने शनिवार को न्यायालय परिसर, जिला व केंद्रीय कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बंदियों को कौशल विकास से हुनर सिखाया जाए, ताकि वह जेल से छूटने के बाद अपराध से दूर रहकर अपने हुनर से समाज में अच्छा कार्य कर सकें।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने शनिवार सुबह जिला न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। जिला जज के कक्ष में अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद जिला जज शिवशंकर प्रसाद, डीएम संजय कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार मीणा व अन्य अधिकारियों के साथ जिला व केंद्रीय कारागार का निरीक्षण किया। जिला कारागार में नवीन शस्त्रागार भवन और कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया।
रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया। न्यायमूर्ति ने बंदियों के सुधार के लिए उनको कौशल विकास की योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। कहा कि जिन बंदियों की जमानत और अपील लंबित है, उनके शीघ्र निस्तारण की कार्रवाई की जाए।
इसी कड़ी में उन्होंने केंद्रीय कारागार में लीगल एंड क्लीनिक का उद्घाटन किया। उन्होंने बंदियों से कहा कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए हुनर सीखना जरूरी है।
न्यायमूर्ति ने सभी बंदियों की अपील समय से करने, उनकी जमानत अर्जी लगाने, विशेष अनुमति याचिका लगाने और सभी प्रकार की विधिक सहायता देने के निर्देश दिए। इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी, सीजेएम, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अचल प्रताप सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने भी किया स्वागत
बार एसोसिएशन सभागार में प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजीव सिंह का वकीलों ने फूल मालाओं से स्वागत किया गया। न्यायमूर्ति ने कहा कि समाज को सिविल कोर्ट पर भरोसा है। जिला जज शिव शंकर प्रसाद, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महा सचिव संजीव पारिया आदि मौजूद रहे।