फर्रुखाबाद। पिछले पांच दिनों से गंगा के जलस्तर में कमी आते ही कटान ने गति पकड़ ली। गंगा की धार के दोआब में फंसे गांव दिलीप की मड़इया में दो दिन में नौ मकान गंगा में समा गए।
वहीं, ठटा में तेज धार पानी की टंकी के नजदीक बह रही है। इससे टंकी कभी भी गिरने की आशंका जताई जा रही।
गंगा का जलस्तर कम होने से गांवों में जलभराव कम हो गया। मगर सदर तहसील के गावों में कटान ने गति पकड़ ली है। 15 दिन पहले तीन गांव कट गए। इससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए। पृथ्वीपुर, ठटा और दौली की मड़इया गांवों का पूरी तरह नामोनिशान मिट चुका है।
अब दिलीप की मड़इया में कटान ने तेजी पकड़ ली है। गांव के दो तरफ धार बह रही है। बीते दो दिन में हंसराम, मानसिंह, गिरन्द, मनीष, अहवरन, ब्रजेश, राजपाल, गिरीश और विनोद के मकान कट गए। पूरा गांव करीब 20 दिन पहले ही खाली कराया जा चूका है। जलस्तर कम होने से धार काफी तेज बह रही है।
ऐसे ही कटान हुआ तो खत्म हो जाएगा गांव
गांव के मचले राजपूत और रामवीर बताते हैं कि यदि इसी तरह कटान हुआ दो चंद दिन में गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। अब उन लोगों के पास ना तो खेत रहा और ना ही मकान बचेंगे। पास के ही ठटा की मड़इया में बची पानी की टंकी से गंगा की धार टकरा रही है। अब उसका भी गिरना तय माना जा रहा है। दिलीप की मड़इया गांव में कुछ लोग मोटरबोट से घरों को गिरते देख रहे हैं।
फोटो -17,दिलीप की मडइया में गंगा में समाता मकान ,संवाद