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Farrukhabad News: एक हफ्ते पहले बना पांचाल घाट पुल का जोड़ धंसा

Thu, 18 Sep 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-20, पांचाल घाट पुल पर धंसे ज्वाइंट पर पड़ी बोरियां, खड़ा जनरेटर। संवाद
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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पुल की मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। एक हफ्ते पूर्व जिस जोड़ (ज्वाइंट) को भरा गया था, वह धंस गया।
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कार्यदायी संस्था के कार्मिकों ने अधिकारियों के निर्देश पर धंसे ज्वाइंट में बोरियां भर दीं। इसके ऊपर जनरेटर खड़ा कर उसे छिपाने का प्रयास किया गया। यह लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
इटावा-बरेली हाईवे 730सी स्थित पांचाल घाट पुल की मरम्मत के लिए मार्च माह में एक माह का रूट डायवर्जन कराया गया था। रूट डायवर्ट होने के बाद कार्यदायी संस्था ने जोड़ की मरम्मत करने का काम शुरू कराया। महीने भर काम में हीलाहवाली और लापरवाही दिखती रही। 31 मार्च को काम पूरा होने के बाद यातायात के लिए पुल खुला तो इसकी गुणवत्ता सामने आ गई।
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कार्यदायी संस्था एनएचएआई के जिम्मेदारों ने जोड़ में कंक्रीट भरने के तुरंत बाद भारी वाहनों के आवागमन होने की बात कहकर अपनी कमियां छिपा लीं। हालत यह है कि जो जोड़ खुल जाता है उस पर प्लाई लगाकर कंक्रीट भर दिया गया। जांच के बाद कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने दोबारा से रूट डायवर्जन लेकर काम शुरू कराया। 29 सितंबर तक कार्य पूरा होना है।
कर्मचारियों ने पुल के क्षतिग्रस्त जोड़ को खोलकर दोबारा मरम्मत का काम शुरू कराया। काम होने के बाद कंक्रीट को सूखने के लिए छोड़ दिया गया। 16 सितंबर को मरम्मत पूरी होने के बाद पश्चिमी साइड की सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया। ऐसे में कुछ ही घंटों के बाद पुल के बीचाेंबीच स्थित एक जोड़ धंस गया।
कर्मचारियों ने धंसे ज्वाइंट पर पत्थर आदि से भरकर बोरियां डाल दीं। किसी को पता न चले, इसके लिए धंसे स्थान पर जनरेटर खड़ा कर दिया गया। डिवाइडरों को इधर-उधर हटाकर जिग-जैग रास्ता बनाया गया। ऐसा करने का कारण पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि वाहनों को निकलने के लिए ज्यादा स्थान देने के लिए ऐसा किया गया है।
वहीं, पुल से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को कहना है कि अगर पुल की मरम्मत में इसी तरह लापरवाही बरती जाती रही, तो कभी भी बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।


पुल से इटावा, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई जनपद सीधे जुड़े
पांचाल घाट पुल अति महत्वपूर्ण है। पुल से इटावा, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई जनपद सीधे जुड़ते हैं। जनपद में सेना के दो महत्वपूर्ण रेजीमेंटल सेंटर हैं। सीमा पर हलचल बढ़ने के दौरान सैन्य गतिविधियों का संचालन भी इसी पुल के माध्यम से होता है।
रोजाना इस पुल से करीब 1500 बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय वाहनों का आवागमन भी बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी या हादसे से बड़े पैमाने पर यातायात प्रभावित होता है।
रविवार को आठ किलोमीटर लंबे जाम में फंसकर एंबुलेंस से अस्पताल आ रही महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदार मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पांचाल घाट पुल पर जो ज्वाइंट धंसा है उसकी पहले मरम्मत हुई थी। इस बार जितने ज्वाइंट की मरम्मत हुई है, वह सभी सही हैं। मरम्मत का पूरा कार्य गुणवत्ता के साथ कराया जा रहा है।
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विश्वास मिश्रा, साइट इंजीनियर एनएचएआई।
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