ब्लाक क्षेत्र के गांव कटिया में मुंहपका व खुरपका की चपेट में आकर दर्जनों की संख्या मवेशी बीमार हैं। इलाज न मिलने से अबतक नौ किसानों के कई जानवर मर चुके हैं। कई जानवर अभी भी बीमार हैं। मवेशी पालकों का कहना है कि पखवारे भर से ज्यादा समय से गांव में बीमारी फैली है। सूचना के बाद भी चिकित्सीय टीम अभी तक गांव नहीं पहुंची है। नजदीकी पशु चिकित्सालय में भी ताला पड़ा रहता है। मजबूरी में झोलाछाप से इलाज कराना पड़ रहा है।
कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव कटिया निवासी नाजिम, सदरौल, धर्मेंद्र, संजय कुमार, विनोद कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि गांव में दो हफ्ते से ज्यादा समय से जानवरों में बीमारियां फैल रही हैं। पर अभी तक गांव में पशु चिकित्सा की टीम नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग पशुओं का इलाज कराने के लिए नजदीक गांव करनपुर में बने पशु चिकित्सालय जाते हैं तो पशु चिकित्साधिकारी नहीं मिलते हैं। अस्पताल के दूसरे कर्मचारी दवाएं उपलब्ध न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। मजबूरी में झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। झोलाछाप भी मनमाने तरीके से दाम वसूलते हैं। वाहिद खां ने बताया कि कुछ दिन पहले उनका बकरा बीमारी के चलते मर गया। तीन बकरे अभी भी बीमार हैं। फारुख शाह और तौफीक ने बताया कि उनके दो बकरे बीमारी से मर चुके हैं। फुरकान बाबू का कहना है कि उनके दो बकरों की बीमारी से मौत हो गई है। नबी का कहना है कि उनका एक बकरा बीमार है। गांव में कई किसानों के गाय, भैंस और बैल आदि जानवर बीमार पड़े हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पशु चिकित्साधिकारी कायमगंज रमेशचंद्र सागर ने बताया कि पशु चिकित्सालय करनपुर में डॉक्टर अनिल कुमार की तैनाती है। वह इस समय गांवों में जानवरों का टीकाकरण करने में लगे हुए हैं। जल्द ही गांव में टीम भेजकर जानवरों का इलाज करवाया जाएगा।