कायमगंज (फर्रुखाबाद)। नवदंपती ने घरेलू विवाद में जहर खा लिया। पत्नी की सीएचसी व पति को सैफई ले जाते समय मौत हो गई। जहर खाने से पहले दोनों ने सुसाइड नोट लिखकर साले के मोबाइल पर भेज दिया। वहीं, मायके वालों ने दहेज मांगने का आरोप लगाकर तहरीर दी।
गांव पपड़ी निवासी अजय कुमार उर्फ गोलू (24) की शादी 31 जनवरी को शमसाबाद के मोहल्ला सिकंदरपुर निवासी सुरेश चंद्र की पुत्री उपासना (22) से हुई थी। वह परिवार के साथ एक ही घर में रहता था। मंगलवार रात पारिवारिक क्लेश के चलते दंपती ने जहर खा लिया। परिजन दोनों को सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
उपासना की एंबुलेंस आने से पहले अस्पताल में ही मौत हो गई। परिजन अजय को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। सैफई ले जाते समय छिबरामऊ के पास अजय की भी मौत हो गई।
परिजन शव लेकर वापस आ गए। इधर, सीएचसी में उपासना के मायके वाले पहुंच गए। मायके वाले उसका शव देख बुरी तरह बिलख रहे थे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। नायब तहसीलदार सृजन कुमार ने शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद अजय का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मायके वालों ने दहेज मांगने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी। वहीं, पति-पत्नी ने जहर खाने से पहले सुसाइड नोट में लिखा कि उसके परिवार वाले मारपीट कर रहे हैं। इस सुसाइड नोट को अजय ने रात में ही अपने साले को भेज दिया। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
इंस्पेक्टर रामअवतार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता बोले, नहीं हुआ कोई विवाद
कायमगंज। पिता प्रेमपाल ने बताया कि अजय नर्सरी का काम करता था। शराब पीने का आदी था। पति-पत्नी के बीच क्या बात हुई, यह किसी को नहीं मालूम हुआ। उन्हें देर रात बहू उपासना ने बताया कि अजय ने खुद भी जहर खा लिया और मुझे भी खिला दिया। इसके बाद दोनों को अस्पताल लेकर भागे। विवाद संबंधी कोई बात नहीं है। मारपीट का आरोप लगाया गया है, वह गलत है। (संवाद)
खाने-पीने और मकान को लेकर होता था विवाद
कायमगंज। अजय व उसकी पत्नी उपासना ने जहर खाने से पहले सुसाइड नोट लिखा और फिर अजय ने इसे अपने साले रजनेश के मोबाइल पर भेज दिया। इसके साथ एक मैसेज लिखा उसमें कहा कि इन सभी को छोड़ना नहीं है। सुसाइड नोट लिखकर दोनों ने हस्ताक्षर भी किए हैं। इसमें कहा कि मेरी शादी उपासना से 31 जनवरी को हुई है। शादी के कुछ दिन तक तो मेरे भाई और भाभी ने सही से रहने दिया। इसके बाद घर से निकलने के लिए कहा। कहा तुम दोनों इस घर से निकल जाओ। तुम्हारा यहां कुछ नहीं है। घर से निकलने वाली बात जब मैंने मम्मी-पापा को बताई तो वे भी कहने लगे तुम्हारा इस घर में कुछ नहीं है। न ही तुम इस घर में रहोगे। इसके बाद मम्मी-पापा और भाई-भाभी सभी ने उसे मारने के लिए पकड़ा तो उनके पैर पकड़ लिए। इसके बाद हम दोनों को कुछ नहीं समझ आया तो दोनों ने जहर खाकर जान देने का फैसला कर लिया। यह सुसाइड नोट अजय के नंबर से उसके साले रजनेश के मोबाइल पर रात में ही भेज दिया। (संवाद)
अजय चार भाई और तीन बहनें हैं
कायमगंज। अजय कुमार का एक बड़ा भाई अनुज व दो छोटे भाई विनोद (8) व अंशुल (6) हैं। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं। जिनकी शादियां हो चुकी हैं। एक ही मकान में पूरा परिवार रहता है। एक भाग में माता- पिता व दूसरे भाग में अजय व उसके बड़े भाई अनुज अपने परिवार के साथ रहते थे। (संवाद)