फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: कोविड कर्मियों के समायोजन के इंतजार में बंद नया बच्चा वार्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। कोविड कर्मियों का अनुबंध समाप्त होने से बच्चों का इलाज करने को बना पीकू वार्ड बंद पड़ा है। अब इमरजेंसी पीडियाट्रिक वार्ड में एक बेड पर तीन-तीन बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

बच्चों के इलाज के लिए बने 42 बेड के बच्चा वार्ड में फर्नीचर पहुंच गया, मगर कोविड कर्मियों के समायोजन का इंतजार है। नए वार्ड में फर्नीचर लग गया और ऑक्सीजन सिस्टम भी तैयार है। बदलते मौसम के चलते बच्चों में बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 10 भर्ती करने होते हैं। हालत गंभीर होने पर पांच बच्चों को रेफर भी किया जा रहा है। करीब एक महीना पहले
बच्चों के इलाज के लिए बना पीकू वार्ड में तैनात कोविड कर्मियों का अनुबंध समाप्त कर दिया गया। लिहाजा पीकू वार्ड में ताला डालना पड़ा। अभी तक उनका समायोजन न होने से इमरजेंसी के पीडियाट्रिक वार्ड में स्थिति दयनीय है। सात बेड वाले इस वार्ड में 15 से अधिक बच्चों की भीड़ हो जाती है। कई बार एक बेड पर तीन-तीन बच्चे भर्ती करना मजबूरी है।
विज्ञापन

हालांकि बच्चों को अच्छा इलाज देने की मंशा से करीब एक साल से बना खड़़ा 42 बेड का बच्चा वार्ड तैयार है। 10 दिन पहले उसमें बेड आदि सभी फर्नीचर भी लगा दिया गया। अब स्टाफ का इंतजार है। इस वार्ड में 10 बेड बच्चों के लिए आईसीयू स्तर के हैं। ऐसे में 28 दिन से अधिक के बच्चों को अच्छा इलाज मिलने की उम्मीद है। मगर कोविड कर्मियों के समायोजन के बाद ही इस वार्ड को चालू किया जा सकेगा।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना ने बताया कि बच्चाें में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। लिहाजा बुखार, जुकाम आदि होते ही तुरंत सरकारी अस्पताल में दिखाएं। झोलाछाप डॉक्टरों को डोज की जानकारी नहीं होती, लिहाजा बच्चों की हालत खराब हो जाती है।
-बच्चा वार्ड में लगभग सभी तैयारियां हैं। स्टाफ का इंतजार है। सीएमओ के स्तर से स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। जैसे ही स्टाफ मिलेगा, तुरंत चालू कर दिया जाएगा। इस माह के अंत तक स्टाफ मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

-डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें