फर्रुखाबाद। काफी दिनों से मंदी की मार झेल रहे जरदोजी कारोबार को शारदीय नवरात्रि ने आक्सीजन दी है। जरदोजी कारीगर माता के लिए लहंगा चुनरी बना रहे हैं। इनमें बड़ी तादाद मुस्लिम कारीगर है। इन दिनों कारोबारियों के पास करीब 50 लाख रुपये के आर्डर हैं। यह डिमांड उत्तर प्रदेश के अलावा कई प्रांतों से मिले हैं।
छह महीनों से जरदोजी कारोबार मंदी से जूझ रहा था। कारोबारियों को आर्डर न मिलने से कारीगरों का काम तकरीबन ठप था। मजदूर काम के लिए दिल्ली, मुंबई, जबलपुर पलायन करने लगे थे। नवरात्र ने कारोबारियों और मजदूरों को उबार लिया है। कारोबारियों को नवरात्र पर माता की चुनरी व लहंगा के लिए उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तरांचल से आर्डर मिले हैं। इन आर्डर को पूरा करने में कारीगर जुटे हुए हैं।
शहर व देहात इलाकों में करीब 50 हजार लोग जारदोजी कारोबार से जुड़े हैं। इनमें 80 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम कारीगर हैं। यह दिन रात माता के लिए लहंगा और चुनरी बना रहे हैं।
जरदोजी कारीगर जावेद खां कहते हैं कि पहले भी नवरात्र पर माता के खास लिबास लहंगा, चुनरी के आर्डर मिलते रहे हैं। इस बार हर साल से ज्यादा आर्डर मिले हैं। इस बार मल्टीकलर (लाल, गुलाबी, मैरून, फिरोजी रंग) लहंगों और चुनरी का जोर है। नावेद का कहना है कि नवरात्र ने मंदी में बड़ी राहत दी है। कारोबारी फैजल कहते हैं कि नवरात्र पर करीब 50 लाख रुपये का कारोबार हो जाता है।