भारतीय महाविद्यालय में शनिवार को डा. अंबेडकर के विचारों की प्रासांगिकता
विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में बतौर मूख्य अतिथि पहुंचे
केके डिग्री कॉलेज इटावा के प्राचार्य डा. मोहकम सिंह ने कहा कि भारतीय
समाज में तमाम ऐसी रूढ़ीवादिताएं थीं, जिन्हाेंने सामाजिक समरसता का
तानाबाना छिन्न-भिन्न कर दिया था।
इसको जोड़ने के लिए डा. अंबेडकर ने
हिंदुओं को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया। कानपुर से आए प्राचार्य
डा. सीसी यादव ने कहा कि डा. अंबेडकर के नाम से लोगों को छला जा रहा है।
यहां बदायूं से प्राचार्य डा. अनिरुद्घ यादव, डा. वीके गिरिजा, सुरेश गोयल,
डा. प्रभात अवस्थी और डा. श्यामलाल निर्मोही आदि ने विचार व्यक्त किया।
अध्यक्षता प्रबंध समिति के उप सचिव सुधीर शर्मा, अरुण प्रकाश तिवारी ने की
की। प्राचार्य डा. विश्राम सिंह, डा. रमन प्रकाश, डा. आलोक बिहारी, डा.
अवधेश शुक्ला और प्रदीप शुक्ला ने प्रतीक चिन्ह व अंगवस्त्र देकर अतिथियों
को सम्मानित किया। यहां प्रो. रमाशंकर मिश्रा, डा. मनमोहन लाल गोस्वामी,
डा. एसएन त्रिवेदी, डा. माधुरी दुबे, ओमप्रकाश मिश्र कंचन, डा. राजकुमार
सिंह, शमा परवीन, डा. आशुतोष चतुर्वेदी, डा. गायत्री मिश्रा व अर्चना दुबे
मौजूद रहीं।