जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दीवानी न्यायालय में
आयोजित हुई मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में 681 मुकदमों का सुलह समझौते के
आधार पर निस्तारण किया गया। लघु फौजदारी के मामलों से 52,125 रुपये अर्थदंड
की वसूली हुई। जिला जज राजन चौधरी की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर
में शनिवार को राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत
का आयोजन किया गया। इसमें मोटर
वाहन दुर्घटना प्रतिकर के 9 मामलों का निस्तारण कर 20,08,701 रुपये
क्षतिपूर्ति दिलाई गई। दीवानी के तीन मामलों का निस्तारण किया गया। भरण
पोषण के 18 मामलों का निस्तारण कर पति पत्नी को मिलाया गया। वैवाहिक के 11
मुकदमा का निस्तारण हुआ। किशोर बंदियों के नौ मामले, राजस्व विभाग के 153,
विद्युत के 6 मामलों का सुलह समझौते पर निस्तारण किया गया। उत्तराधिकार
प्रमाण पत्र के 14 मामलो का निस्तारण कर 22,245 रुपये
मूल्यांकन आका गया।
लघु फौजदारी के 439 मुकदमे निपटाए गए। इनसे 52,125 रुपये अर्थदंड की वसूली
की गई। टेलीफोन विभाग के पांच मामलों को निस्तारण कर 26,920 रुपये की वसूली
की गई। मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 880 मुकदमे लगाए गए थे।
इनमें 681 का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इससे 738 लोग
लाभांवित हुए है। इसका
संचालन लोडल अधिकारी अपर जिला जज आलोक पांडेय ने
किया। इस दौरान अपर जिला जज भूपेंद्र सहाय, प्रधान न्यायाधीश एमपी चौधरी,
विशेष न्यायाधीश मित्रपाल सिंह, एडीजे अजय कुमार त्रिपाठी, एडीजे साजिया
नजर जैदी, एडीजे रवीन्द्र कुमार
श्रीवास्तव, एडीजे परवेज अहमद, सीजेएम
अनुतोष कुमार शर्मा, एसीजेएम सैफ अहमद, अवनीश कुमार पांडेय, शिखा रानी
जायसवाल, अल्का चौधरी, विजय कुमार गुप्ता, कमलकांत गुप्ता, चंद्र भाल
दीक्षित न्यायिक अधिकारी व कोर्ट मैनेजर मोहम्मद आरिफ उपस्थित रहे।