अनुदेशक हत्याकांड में आरोपी दरोगा व अन्य की गिरफ्तारी न होने से नाराज
परिवार के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में हंगामा किया। इन्हाेंने
प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। अपर जिलाधिकारी
कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए घुसने को लेकर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा
कर्मियों से धक्कामुक्की हो गई। सूचना पर फतेहगढ़ और शहर कोतवाल पहुंचे।
इन्हाेंने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया । पीड़िताें ने एडीएम मनोज
सिंघल और बाद में एसपी को
ज्ञापन दिया। मोहम्मदाबाद के गांव नगला
दरियावगंज निवासी अनुदेशक अमित कुमार की 22 जून को हत्या कर दी गई थी। इस
हत्याकांड में दरोगा राकेश कुमार समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिवार के सदस्य गांव के अन्य लोगों
के साथ सोमवार को कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने आए। इन लोगों ने
एसडीएम और एडीएम कार्यालय के बाहर हंगामा कर पुलिस व प्रशासिनक अफसरों के
खिलाफ नारेबाजी की। अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के लिए यह कार्यालय में
घुसने लगे। इसको लेकर सुरक्षा कर्मी से धक्कामुक्की हो गई। इसकी जानकारी
फतेहगढ़ कोतवाल अनूप तिवारी और शहर कोतवाल आरपी यादव को दी गई। यहां पैरवी
करने पर कांग्रेस नेता लालू यादव की पुलिस
कर्मियाें से तनातनी हो गई।
पुलिस ने दो लोगाें से एडीएम को ज्ञापन दिलवाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक
विजय यादव को ज्ञापन दिया गया। इसमें कहा गया कि पर्याप्त गवाह और साक्ष्य
होने के बावजूद पुलिस विवेचना में दरोगा का नाम निकालने का प्रयास कर रही
है। पुलिस मनमाने तरीके से बयान लिख रही है। हत्याकांड की जांच निष्पक्ष
कराई जाए। दरोगा
को शीघ्र गिरफ्तार कराया जाए। एसपी ने निष्पक्ष जांच कराए
जाने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
इस दौरान ओमवीर
सिंह, सुरेश सिंह, अरुण कुमार, बबलू, सर्वेश, रामू, नागेन्द्र सिंह,
रामऔतार, नौबत सिंह, बलवीर सिंह, सुखवीर सिंह, महेश, रामशंकर, मनोज यादव,
बाबूराम मौजूद रहे।