कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन की पिटाई से आधा दर्जन छात्राओं
ने स्कूल छोड़ दिया है। थाने पहुंची छात्राओं ने वार्डन के खिलाफ तहरीर दी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यलाय की कक्षा आठ की छात्रा एवं फतेहउल्लापुर
निवासी संध्या राठौर ,रूबी राठौर, रागिनी, कोठा गांव निवासी अंजलि एवं
बीवीपुर निवासी सोनी व रेनू बुधवार दोपहर अभिभावकों के साथ थाने पहुंची।
उन्होंने वार्डन शांति मिश्रा के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि वार्डन का
मोबाइल खो गया है। वह छात्राओँ पर चोरी का आरोप लगाकर पीट रही हैं। जबकि
उनकी तलाशी भी ली जा चुकी है। इसके बाद भी मोबाइल नहीं मिला। छात्राओँ ने
बताया कि गुस्साई वार्डन ने उन्हें लात-घूसे से पीटने के बाद डंडे से
भी
मारा। दरोगा सीएम दिवाकर ने बताया कि तहरीर मिल गई है। मामले की जांच के
बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दूसरी विद्यालय की प्रभारी वार्डन श्रुति
सक्सेना का कहना है कि छात्राओं की पिटाई की बात उच्चाधिकारियों को बता दी
गई है। बीईओ सुमित कुमार का कहना है कि बीएसए को घटना के बारे में बताया
है। गुरुवार को मौके पर जाएंगे।
कहीं शिकायत की वजह से तो नहीं हुई पिटाई
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं की पिटाई के पीछे कुछ अलग ही
कहानी है। छात्राओं का कहना है कि वे कुछ समय पहले वार्डन की शिकायत की
थी, इस वजह से उन्हें पीटा जा रहा है। मालूम हो कि कुछ दिन पहले बीएसए
विद्यालय की जांच करने पहुंचे थे। उस समय उन्होंने विद्यालय की समस्याओं के
बारे में पूछा था। इस पर उन छात्राओं ने बीएसए से
समस्या बताई। इस बात से
वार्डन उनसे खिन्न रहती थीं। यही वजह है कि मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर उनकी
पिटाई की गई। थानाध्यक्ष का कहना है कि तहरीर मिली है। दरोगा सीएम दिवाकर
को मामले की जाचं करने का निर्देश दिया गया है। वह छात्राओं का बयान ले
चुके हैं। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।