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योजना फेल, एमडीएम में दूध बंटना बंद

Wed, 05 Aug 2015 10:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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स्कूलों में नौनिहालों को दूध देने की शुरू हुई योजना जिले में फेल होती जा रही है। कन्वर्जन कास्ट में थोड़ी सी वृद्धि होने से शिक्षकों ने नौनिहालों को दूध बांटना बंद कर दिया है। बुधवार को ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं दिया गया। जहां वितरण हुआ, उसमें दूध की जगह पानी की मात्रा अधिक रही। कई स्कूलों में शिक्षकों ने 200 ग्राम के
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स्थान पर 100 ग्राम दूध ही बच्चों को दिया। यह हकीकत अमर उजाला टीम की पड़ताल में  सामने आई। शिक्षकों ने अमर उजाला प्रतिनिधियों को बताया कि दूध 40 से 50 रुपये लीटर मिल रहा है।  कन्वर्जन कास्ट में थोड़ी से वृद्धि हुई है। इस कारण दूध खरीदना मुश्किल हो रहा है। वह स्कूली बच्चों को दूध बांटने में असमर्थ हैं। पेश है अमर उलाला की पड़ताल करती रिपोर्ट

पहले झाड़ू लगाई फिर पीने को मिला दूध
प्राथमिक विद्यालय कमालगंज में 93 पंजीकृत बच्चों में से 46 बच्चे उपस्थित हुए। बच्चों को शिक्षकों ने झाड़ू पकड़ा दी। बच्चों से स्कूल में सफाई कराई गई। इसके बाद दूध और कोफ्ता चावल दिया गया। प्रधानाध्यापक ने आधा लीटर दूध के
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17 पैकेट मंगाए थे। इसी परिसर में संचालित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय कमालगंज में 63 में से 50 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए 10 लीटर दूध मंगाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कमालगंज में 67 बच्चों में से 45 उपस्थित थे। इनके लिए 9 लीटर दूध प्रधानाध्यापक ने मंगवाया था।

महंगा होने के कारण नहीं बंटा दूध
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुरैली में 51 पंजीकृत बच्चों में से 47 उपस्थित हुए। इनको पीने के लिए  दूध नहीं दिया गया। प्रधानाध्यापक रूपलाल सुमन का कहना है कि दूध महंगा है। इस कारण दूध बंटवाने में असमर्थ हैं। प्राथमिक विद्यालय तेरा में 170 में से 146 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए प्रधानाध्यापक ने 25 लीटर दूध 40 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा।

प्रधानाध्यापक सत्येन्द्र पाल सिंह का कहना है कि कन्वर्जन कास्ट में बढ़ोत्तरी न होने से इस बार से दूध नहीं बांटा जाएगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गनपतपुर में 34 में से 18 बच्चे उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापक ने चार लीटर दूध लेकर बंटवाया। प्राथमिक विद्यालय पीरजाद गुड़गांव में 82 में से 65 बच्चे उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक इलियास मोहम्मद का कहना है कि इस बार दूध बांट दिया है । वह अबकी बार दूध नहीं बांट पाएंगे।

इंतजार करते रहे नौनिहाल
बच्चों को बुधवार को दूध और कोफ्ता चावल का इंतजार रहता है। घर से दूध के लिए गिलास और कोफ्ता चावल खाने के लिए कटोरी लेकर प्राथमिक विद्यालय हमीरपुर में बच्चे पहुंचे। यहां पंजीकृत 83 में से 69 बच्चे उपस्थित हुए। यह इंतजार करते रहे। यहां  दूध नहीं बांटा गया। यही हाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय हमीरपुर का था। यहां 32 बच्चों में से 18 उपस्थित हुए थे। इनको भी पीने के लिए गर्म दूध नहीं दिया गया।

खाली गिलास लिए बैठे रहे  
पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुबरी में 65 पंजीकृत बच्चो में से 45 आए। यहां दूध पीने के लिए घर से लाए गिलास को लिए बच्चे बैठे रहे। दूध नहीं दिया गया। यही हाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंपतपुर का था। इस विद्यालय में 40 में से 35 बच्चे उपस्थित हुए। इनको भी पीने के लिए दूध नहीं मिला।  प्राथमिक विद्यालय डुबरी में 112 में से 65 बच्चे उपस्थित हुए। इनको भी दूध नहीं दिया गया। प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर में 103 में से 73 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए 14 लीटर दूध लिया गया था।

बर्तन खनखनाते रहे बच्चे
बुधवार को दूध और कोफ्ता के लिए घर से बर्तन लेकर विद्यालय पहुंचे बच्चे खाली गिलास को खनखनाते रहे। इनको दूध नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय कुबेरपुर में 110 में से 35 बच्चे उपस्थित हुए। इनको दूध नहीं दिया गया। सिर्फ कोफ्ता चावल वितरित किए गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुवेरपुर में 47 में से 15 बच्चे उपस्थित हुए थे। यह दूध के लिए हाथ में

खाली गिलास लिए इंतजार करते रहे। इन्हें दूध पीने के लिए नहीं दिया गया। प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर चकई में 190 पंजीकृत बच्चों में से 80 उपस्थित हुए। इनको भी दूध पीने के लिए नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर में 76 बच्चों में से 50 उपस्थित हुए थे। यह भी दूूध का इंतजार करते रहे। आखिर में घर चले गए।
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