लकूप में लगे स्टार्टर की मरम्मत में खर्च हुए रुपयेे को लेकर दो भाई भिड़ गए। इस दौरान पिता बीच बचाव करने पहुंचा तो बड़े बेटे ने पहले भाई को गोली मारी और फिर पिता को गोलियों से भून दिया। दोनों को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने पिता को मृत घोषित कर दिया। जबकि भाई को सैफई मेडिकल कालेज रेफर कर दिया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मदनापुर पिपरगांव निवासी शिवरतन सिंह यादव (65) के पांच बेटे रामरहीस, नरेंद्र उर्फ पप्पू, संजीव उर्फ संजू, उपेंद्र सिंह, सर्वेंद्र सिंह है। शिवरतन सिंह ने थाना मऊदरवाजा के चौखंडा चौराहा पर पांच दुकानें बनवाई थीं।
एक दुकान में रामरहीस आटा चक्की खोले है। शिवरतन सिंह दूध, क्रीम की दुकान किए थे। कुछ दिन पहले खेत में लगे नलकूप के खराब स्टार्टर को रामरहीस ने सही करा दिया था। गुरुवार की सुबह शिवरतन सिंह और रामरहीस अपनी-अपनी दुकान पर थे।
कुछ समय बाद दूसरा बेटा नरेंद्र उर्फ पप्पू भी दुकान पर पहुंचा। दोपहर करीब 12 बजे रामरहीस ने अपने छोटे भाई नरेंद्र से स्टार्टर को सही करने में खर्च हुए 1400 रुपये मांगे। इस पर नरेंद्र ने कम खर्च होने की बात कही। इसी को लेकर दोनों भाईयों के बीच विवाद होने लगा।
इस दौरान रामरहीस ने तमंचा निकाल कर भाई पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया। यह देखकर पिता शिवरतन सिंह मौके पर पहुंच और बेटे का बचाव करने लगे। आरोप है कि रामरहीस ने पिता को भी गोलियां से भून दिया। इसके बाद मौके से भाग निकला।
सूचना पर शिवरतन का दूसरा बेटा उपेंद्र सिंह, अपने चाचा रितुवरन सिंह समेत परिवार के अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। घायल पिता-पुत्र को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टर ने शिवरतन को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होने पर नरेंद्र को सैफई मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया।
सीओ सिटी आलोक सिंह मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि रुपये के लेनदेन को लेकर घटना की गई। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। एएसपी अशोक कुमार ने घटना पर जाकर जांच की।