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पुत्री से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने में मां पर दर्ज होगा मुकदमा

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पुत्री से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने में मां फंसी
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फर्रुखाबाद। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश हर्षवर्धन ने किशोरी से दुष्कर्म व धमकी के मुकदमे के आरोपी तीन भाइयों को दोषमुक्त कर दिया है। नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने वाली मां के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश न्यायाधीश ने फतेहगढ़ कोतवाल को दिया है।
अमृतपुर थाना क्षेत्र निवासी महिला ने उसी गांव निवासी सगे भाई किशनपाल, भूरे व मझले के खिलाफ 17 जून 2016 को न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें किशनपाल व भूरे पर 14 जून को 15 वर्षीय पुत्री के साथ खेत में दुष्कर्म करने और मझले पर तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया था।
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कोर्ट के आदेश पर अमृतपुर थाने में 16 जुलाई 2016 को तीनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचक ने 22 अगस्त 2016 को एफआर लगा दी। किशोरी की मां ने आपत्ति लगाई तो एफआर निरस्त कर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में परिवाद दर्ज कर लिया। तीनों आरोपियों को जेल जाकर जमानत करानी पड़ी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किशोरी की मां ने कोर्ट में कहा कि पुत्री के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। आरोपी भाइयों से जमीन को लेकर उसका विवाद चल रहा था।
गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले महिला ने परिवाद दर्ज कराने के बाद दर्ज बयान में पुत्री के साथ आरोपी दो भाइयों पर दुष्कर्म व तीसरे पर धमकाने का आरोप लगाया था। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिव नरेश सिंह ने दलीलें पेश कीं।
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सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी तीनों भाइयों को आरोप साबित न होने पर मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है। तीनों भाइयों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने में किशोरी की मां के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट लिखने का आदेश फतेहगढ़ कोतवाल को दिया है।
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