वसंत पंचमी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति
बराक ओबामा में आसमान में पेंच लड़ेेंगे। दुकानदारों ने ‘नरेंद्र मोदी’ और
‘बराक ओबामा’ के चित्र वाली पतंगों का तगड़ा स्टाक किया है। बच्चों और
युवकों को यह पतंगें खूब भा रही हैं। हालांकि दुकानें सज गई हैं लेकिन भीड़
नदारद है।
24 जनवरी को वसंत पंचमी का त्योहार है। इसको लेकर बच्चों में
गजब का उत्साह है। शहर में जगह-जगह लोगों ने दुकानें लगाकर मांझा, कागज व
पन्नी की पतंग, सद्दल और चरखी का स्टॉक कर लिया है। सबसे ज्यादा डिमांड
पन्नी की फैंसी पतंगों की है। इनमें मोदी और ओबामा के चित्र छपी पतंग
युवाओं को खूब भा रही है। बच्चे डॉरीमोन, छोटा भीम और मिक्की माउस छपी
पतंगों के दीवाने हैं।
विभिन्न ब्रांड के मांझा व सद्दल भी बिक रहे हैं।
पलरिया के पतंगसाज त्रिलोकीनाथ मिश्र कहते हैं कि पन्नी की फैंसी पतंग
कानपुर और बरेली से मंगवा रहे हैं। फैंसी पतंगें बड़ी 125 से 135 और छोटी
पतंग 45 से 55 रुपये कोड़ी (25 पतंग) बिक रही हैं। पन्नी की फैंसी पतंगों
ने कागज की पतंग की बिक्री कम की है।
विभिन्न ब्रांड के मांझा उपलब्ध
बरेली
में मांझा की बड़ी मंडी है। वहीं से मांझा जिले में आता है। मांझा की भी
विभिन्न वैरायटी उपलब्ध हैं। इनमें खलीफा, शब्बीरबेग, चांदमियां आदि ब्रांड
के मांझा की ज्यादा मांग है। कृष्णा, मोदी, टाइगर आदि ब्रांड के सद्दल के
गिट्टे बाजार में मौजूद हैं। इसके अलावा 400 ग्राम का सद्दल का गिट्टा भी
उपलब्ध है।
बच्चों को भा रही चाइना रील
बच्चों की पहली पसंद
चाइना रील बनी है। बच्चे चाइना रील के दीवाने हैं। पतंगसाज शकील ने कहा कि
चाइना रील 60 से 150 रुपये प्रति गिट्टी बिक रही है। कानपुर और बरेली से
चाइना रील लाए हैं।
पतंग, मांझा, सद्दल व चरखी के रेट
कागज पतंग-
3 से 10 रुपये पीस, पन्नी पतंग-1 से 5 रुपये पीस, मांझा तीन गिट्टी 270 से
300, मांझा छह गिट्टी- 500 से 550 रुपये, चाइना रील-60 से 150 रुपये पीस,
सद्दल गिट्टा 400 ग्राम-200 रुपये, प्लास्टिक चरखी -15 से 20 रुपये पीस,
फाइवर चरखी-30 से 50 रुपये पीस, लकड़ी चरखी-10 रुपये पीस, सद्दा गिट्टा-20
से 50 रुपये।
मौसम ढा रहा सितम,बिक्री धीमी
मौसम के बिगड़े मिजाज ने पतंगसाजों के माथे पर पसीना ला दिया है। वसंत
पंचमी में पांच दिन बचे हैं। खराब मौसम के चलते पतंग की दुकानों पर सन्नाटा
पसरा है। वसंत पंचमी पर शहर में पतंगबाजी की पुरानी परंपरा है। इस दिन
करीब एक करोड़ से ज्यादा की पतंग, सद्दल और मांझा की बिक्री हो जाती है।
शहर में थोक व फुटकर मिलाकर करीब दो दर्जन से ज्यादा पतंगसाजों की दुकानें
हैं।
सीजनी दुकानदार भी गली-कूचों में पतंग की दुकानें सजा लेते हैं। इस
बार भी सुतहट्टी बाजार, त्रिपोलिया चौक पावर हाउस के पास, पलरिया, हाता
मिंडू खां, गढ़ी नवाब न्यामत खां पूर्व (सिल्वर साइन गली), घुमना बाजार,
साहबगंज चौराहा, मदारवाड़ी, पक्कापुल और बजरिया आदि मोहल्लों में पतंग आदि
की दुकानें सज गई हैं। सर्दी से पतंग की दुकानों पर सन्नाटा है।
गढ़ी नवाब
न्यामत खां पूर्व के पतंग दुकानदार ब्रजेश मिश्रा कहते हैं कि वसंत पंचमी
के लिए 50 हजार रुपये का माल भरा था। एक-दो दिन में मौसम खुल गया तो लागत
निकल सकती है। रेलवे रोड पर पतंग की दुकान लगाए राजू कहते हैं कि वह वसंत
पंचमी पर ही पतंग की दुकान लगाते हैं। इस बार उन्होंने कर्जा लेकर करीब 60
हजार रुपये का माल भर रखा है। उम्मीद थी कि मुनाफा अच्छा हो जाएगा लेकिन
लागत निकलती नहीं दिख रही।