पत्रकारों से बात करते जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव और विधायक विजय सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
जिला योजना समिति की बैठक में एमएलसी पुष्पराज जैन के प्रतिनिधि के रूप में शामिल होकर सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव विवादों में फंस गए हैं। वह जहां यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने जो किया वह एमएलसी के कहने पर किया वहीं एमएलसी उनकी बातों का खंडन कर रहे हैं। दोनों लोगों की बातों से एक सवाल यह खड़ा हो गया है कि कौन सच्चा है? एमएलसी या जिलाध्यक्ष।
शनिवार को आवास विकास स्थित पार्टी कार्यालय में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि एमएलसी जैन ने सचिव को उनके खिलाफ शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि जिला योजना समिति की बैठक में जिलाध्यक्ष ने फर्जी तरीके से उनके हस्ताक्षर बना दिए। उनकी सहमति नहीं ली गई। मगर सच्चाई यह नहीं है।
जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि एमएलसी जैन ने स्वयं उनसे कहा था कि वह उनका प्रतिनिधि बनकर हस्ताक्षर बना दें। इस पर उन्होंने हस्ताक्षर किया। मगर एमएलसी जैन से फोन पर जब जिलाध्यक्ष के दावे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दोटूक कहाकि उन्हें बैठक की कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए उन्होंने किसी को अधिकृत ही नहीं किया था। पत्रकारों ने जब जिलाध्यक्ष से पार्टी में गुटबाजी पर सवाल किया तो वह टाल गए।
मगर वहां मौजूद विधायक विजय सिंह मामले की गंभीरता को भांप गए। उन्होंने फौरन सफाई दी कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। हो सकता है किसी ने जिलाध्यक्ष के बारे में फर्जी शिकायती पत्र भेज दिया हो। जिला योजना समिति की बैठक न होने के सवाल पर विधायक ने कहा कि शीघ्र ही वह डीएम से वार्ता कर बैठक करवाएंगे। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह गौर, ओमप्रकाश शर्मा, जिला प्रवक्ता पुष्पेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।