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दीवाली पर 48 हजार मनरेगा मजदूरों के घरों में रहेगा अंधेरा

Sat, 22 Oct 2016 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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जॉबकार्ड दिखाते मनरेगा मजदूर। फोटो-देवपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 पिछले छह माह से मजदूरी न मिलने से 48 हजार मनरेगा मजदूरों के घर दीपावली पर भी अंधेरा रहेगा। इन गरीबों को सरकार से दीवाली पर भी मजदूरी नहीं मिल सकेगी। सरकार की पसीना सूखने से पहले मजदूरी देने का वादा करने वाली कवायद यहां पूरी तरह से बेकार है। जून से लेकर अब तक मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल सकी है। जिले भर के 48 हजार मनरेगा मजदूरों का 3.10 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया है। विकास खंड मोहम्मदाबाद के गांव लखरौआ के
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मनरेगा मजदूर नरेंद्र सिंह का कहना है कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। हजारों के कर्ज में वह अब तक डूब चुका है। पातीराम, रवि कठेरिया, अनिल कुमार, श्रीनिवास, राहुल कठेरिया और मुन्नूबाबू कठेरिया का कहना है कि दीपावली का त्योहार सिर पर है। घर में एक पैसा नहीं है। किस तरह से वह दीपावली मनाएंगे। यह समझ में नहीं आ रहा है। यही कहना कमालगंज विकास खंड क्षेत्र के गांव जहानगंज के रहने वाले मनरेगा जाबकार्ड धारक धीरेंद्र, रामप्रकाश, कन्हैयालाल,

गोवर्धन, प्रमोद, सुदेशचंद्र और इंद्रवीर समेत सैकड़ों मनरेगा मजदूरों का कहना है कि छह माह से मजदूरी न मिलने पर घर का खर्च नहीं चल पा रहा है। मजदूरों का कहना है कि दीपावली पर  उनका त्योहार फीका रहेगा। इस संबंध में जब डीसी मनरेगा संजय शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि 23 जून से मनरेगा मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल सकी है। वह शासन को कई बार लिख चुके हैं।
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सरकार को भी पता है कि जिले के 48 हजार मनरेगा मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि दीपावली तक सरकार से पैसा मिलने की कोई संभावना नहीं है। नवाबगंज। विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार करना और कामों को गुणवत्ता पूर्व कराने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण में प्रधानों ने मनरेगा योजना के तहत कार्य शुरू न होने का दुखड़ा रोया। ब्लाक सभागार में शनिवार को ग्राम सभा सिलसंडा, कनासी, भटासा के प्रधानों और सदस्यों को मास्टर ट्रेनर अनिल मिश्रा ने

कार्य योजना, प्रस्ताव, ग्राम सभाओं की बैठकों के बारे में जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2017-18  की कार्य योजना शीघ्र बनवा कर तैयार की जाए। ताकि मार्च के बाद वित्तीय कार्य सुचारू रूप से चालू रह सकें। इसको लेकर प्रधानों ने कहा कि
मनरेगा योजना से कोई भी काम नहीं हो रहा है। जिन जॉब कार्डधारकों ने काम दिया गया था। उनमें से अधिकांश जॉब कार्ड धारकों को करीब छह माह से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।
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इससे कठिनाईयां उत्पन्न होने लगी है। इस दौरान एडीओ पंचायत अनिल मिश्रा और एडीओ समाज कल्याण अनिल यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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