पोल्ट्री फार्म में पल रहे मुर्गे।
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दिल्ली में बर्ड फ्लू से हुई 11 पक्षियों की मौत के बाद जिले के मुर्गों का ब्लड जांच के लिए जालंधर लैब भेजा गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी एहतियात की तौर पर शहरियों से मुर्गा न खाने की अपील की है।
दिल्ली में बर्ड फ्लू की दस्तक से शहर सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू का ज्यादा खतरा फार्मी मुर्गा सेवन करने वालों को होता है। मुर्गा फार्म के आसपास गंदगी और वहीं मुर्गा काटने से खून के कारण यह बीमारी हो जाती है।
वरिष्ठ फिजीशियन पूर्व उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.एम. द्विवेदी ने बताया कि बर्ड फ्लू एक तरह का वायरस है। गले तथा फेफड़े को संक्रमित करके यह तेज बुखार से रोगी को परेशान कर देता है। यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाये, तो बर्ड फ्लू से पीड़ित रोगी की जान भी जा सकती है।
डा. द्विवेदी का कहना है कि इसका एक ही बचाव है कि लोग मुर्गे का सेवन बंद कर दें। साथ ही एहतियात के तौर पर खांसी, जुकाम से पीड़ित लोगों के संपर्क में आने से बचें। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि ऐसे स्थानों पर विशेष साफ सफाई की व्यवस्था की जाये जहां पक्षियों को पाला गया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार सिंह ने बताया कि सतर्कता के तौर पर मुर्गों के खून के नमूने लेकर जांच करायी जा रही है। जालंधर लैब में नमूना जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल अभी यहां बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है।