फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में संतों, दुकानदारों और गंगा आरती करने वाले आचार्य के साथ हुई मारपीट की घटना में पुलिस ने तीन घायलों का डॉक्टरी परीक्षण कराया। दोनों तरफ से तहरीर दी गई है। हालांकि अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
मेला में गुरुवार रात बाइक हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद बड़़ा विवाद हो गया। हमले में लाठी-डंडे, धारदार हथियार चलने से कल्पवास कर रहे गंगा आरती करने वाले आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल, दूसरे पक्ष के महंत सागर पुरी, सत्यवीर उर्फ भोला को चोटें आईं। पुलिस ने रात में ही तीनों लोगों की डाॅक्टरी परीक्षण करवा दी।
भगुआ नगला विकासनगर निवासी राजीव शुक्ला ने तहरीर देकर कहा कि उनके भाई आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल गुरुवार रात अपने कैंप में थे। उसी समय सत्यगिरि महाराज 30 साथियों संग कैंप के सामने झगड़ा करने लगे। आवाज सुनकर भाई प्रदीप बाहर आकर जाप में विघ्न होने की बात कही। इस पर हमलावरों ने हमला कर घायल कर दिया। प्रदीप को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया है। कैंप में पूजाघर और अन्य सामान तोड़कर फेंक दिया।
दूसरे पक्ष के महंत सागरपुरी महाराज और सत्यवीर उर्फ भोला ने तहरीर में कहा कि वह जूना अखाड़ा के लिए कुछ सामान लेने जा रहे थे। उसी समय पैंटून पुल के पास प्रदीप शुक्ल, अंकित, सचिन ने अपने साथियों संग लाठी डंडों से हमला बोल दिया। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। महंत सत्यगिरि महाराज ने कहा कि विवाद हुआ वह गलत है। यदि इसकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वह शनिवार से आमरण अनशन पर बैैठेंगे।
पुलिस ने गश्त बढाई
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। संतों व दुकानदारों के बीच हुई मारपीट के बाद मेला रामनगरिया में कई थानों की पुलिस में हूटर बजाकर अपने होने का अहसास करवाया। मारपीट होने से फैली दहशत के कारण थाना कादरी गेट के थानाध्यक्ष आमोद कुमार सहित कई थानों की पुलिस के साथ मेला क्षेत्र में भ्रमण किया। सीओ सिटी ऐश्वर्या राय सहित सभी थानों के थानाध्यक्ष जूना अखाड़ा में पहुंच कर संत सत्य गिरी से घटना की जानकारी ली है। (संवाद)