फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी में तैनात सचिव की पदोन्नति आदेश में आयु 16 वर्ष से भी कम है। इस मामले में वह कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने सचिव से पदोन्नति आदेश व सेवा पुस्तिका आदि पत्रावली तलब कर ली है। अभिलेख उपलब्ध न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सातनपुर मंडी सचिव व कर्मचारियों के बीच चल रही तनातनी अब कार्रवाई की हद तक पहुंचने लगी है। सातनपुर मंडी व अर्रापहाड़पुर मंडी में अवैध वसूली का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ। फर्जी फर्म बनाने और चहेती फर्म के नाम हजारों क्विंटल आलू की द्वितीयक पर्ची काटकर मंडी शुल्क को चूना लगाने की जांच भी चल रही है। इसी बीच मंडी सचिव रामसेवक वर्मा का वर्ष 2011 का पदोन्नति आदेश भी वायरल हो गया। इसमें उनकी जन्म तिथि 15 जुलाई 1967 अंकित है, जबकि उनकी नियुक्ति तिथि एक जुलाई 1983 दर्शाई गई है। इस हिसाब से नियुक्ति के दौरान मंडी सचिव की आयु 15 वर्ष 11 माह 17 दिन हो रही है।
अमर उजाला ने नौ जून के अंक में सचिव की पदोन्नति आदेश पर उम्र 16 साल दर्ज, व आठ जून के अंक में मंडी सचिव ने नहीं दिए अभिलेख शिकंजा कसा, शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका संज्ञान लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने मंडी सचिव को पत्र जारी किया। इसमें कहा कि कई अनुस्मारक भेजने के बावजूद तथ्यहीन आख्या देकर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने पूर्व में मांगे गए अभिलेखों के अलावा सेवा पुस्तिका, पदोन्नति आदेश, कक्षा 10 का अंकपत्र, सनद व टीसी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इससे जिलाधिकारी को वह आख्या दे सकें। सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्रावली उपलब्ध न कराने पर विभागीय जांच व कार्रवाई की संस्तुति करने का अल्टीमेटम दिया है।
उपनिदेशक बोले, कमेटी से होगी जांच
सातनपुर मंडी सचिव रामसेवक वर्मा के पदोन्नति आदेश में नियुक्ति के दौरान उनकी आयु 15 वर्ष 11 माह 17 दिन दर्शाई गई है। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद निदेशालय से संज्ञान ले लिया गया। उपनिदेशक कानपुर सुभाष सिंह ने बताया कि मंडी सचिव की 16 वर्ष आयु में नियुक्ति के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी द्वारा सभी अभिलेखों का अवलोकन करने के साथ नियुक्ति के दौरान आयु 18 वर्ष से कम पाए जाने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।