फर्रुखाबाद। किशोरी भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी प्रद्युम्न को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया।
थाना जहानगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 17 जनवरी 2024 को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव नीवलपुर निवासी प्रद्युम्न ले गया। उन्होंने आशंका जताई थी कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और नाबालिग पुत्री के साथ कोई अनहोनी घटना हो सकती है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश फर्रुखाबाद रितिका त्यागी की अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धारा में 20 मई को दोषसिद्ध माना था।