फर्रुखाबाद। देव दीपावली व आस्तिक महाराज की जयंती पर पांचालघाट स्थित गंगातट पर कैलाश सेवा संस्थान की ओर से महाआरती के साथ दीपदान किया गया।
सर्प दोष से निजात पाने के लिए 125 तांबे के सर्पों को भी गंगा में प्रवाहित किया गया। संगीतमयी आरती में शामिल श्रद्धालुओं भाव विभोर दिखे। आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने बताया कि वैदिक रीति से पांच प्रकार की आरती की गई।
आरती में मंगलाचरण- शांतिपाठ, शिवतांडव, गंगालहरी, गणपति , शिवगंगा, की आरती संगीतमयी धुनों के साथ की गई। शिवनारायण, सुधाकर शास्त्री, वृंदावन से आए प्रियांशु महाराज, प्रवीण, काशी से आए पंडित विनोद, कानुपर के मुकेश ने आरती में सहयोग किया।