कार्यभार संभालते ही शनिवार को पालिका अध्यक्ष पूरे रौ में दिखीं। नगर पालिका कार्यालय हाल में सफाई नायकों और कर्मचारियों के साथ पहली बैठक में नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि शहर में काम दिखना चाहिए। लेटलतीफी सहन नहीं होगी। काम में लापरवाही पर वेतन रोकने और हटाने तक की चेतावनी दे डाली। सफाई नायकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं।
बैठक के दौरान लखनऊ से आए स्वच्छ भारत मिशन के एक्सपर्ट कार्तिकेय शर्मा ने पालिकाध्यक्ष से शिकायत की कि शहर क्षेत्र में करीब सात हजार शौचालय बनाने का टारगेट है, लेकिन अभी तक सिर्फ 412 शौचालय ही बने हैं। पालिका में बायोमैट्रिक सिस्टम भी नहीं लगा है। पालिकाध्यक्ष ने शौचालय के बारे में जानकारी की तो बताया गया कि 13051 लोगों ने आवेदन जमा किए थे, जिनमें से
2836 लोगों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किस्त 4000 रुपये की भेज दी गई। इस पर चेयरमैन ने सफाई नायकों को शौचालय निर्माण में तेजी लाने और किस-किस वार्ड से कितने आवेदन आए इस बारे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में काफी लापरवाही बरती जा रही है, जो अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई कर्मचारी की ड्यूटी का समय सुबह 7 से 2 बजे है, लेकिन कोई भी समय से ड्यूटी नहीं करता है। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए 25 दिसंबर से मोहल्ला नुनहाई से डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने का अभियान शुरू किया जाएगा। फिर प्रत्येक चार-पांच दिन बाद इसी तरह से सभी 42 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा एकत्र होगा। उन्होंने सीएसआई केपी सिंह को निर्देश दिए कि दो ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर दोपहर 2 से शाम 8 बजे फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद के मुख्यमार्गों से कूड़ा उठवाएं। इस अवसर पर ईओ पीके श्रीवास्तव और बड़ेबाबू जितेंद्र मिश्र आदि रहे।
बैठक के दौरान कर्मचारियों और अफसरों के बीच आपस में ही मतभेद देख पालिकाध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें सब पता है कि कौन काम कर रहा है और कौन नहीं। सफाई नायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह सफाई अभियान का निरीक्षण खुद करेंगी। इस दौरान कोई भी गैरहाजिर मिला तो उसके खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सफाई नायकों को निर्देश दिए कि वह लोग प्रत्येक वार्ड से चार-चार जागरूक लोगों के नाम दें, जिससे वार्ड स्वच्छता समिति का गठन किया जा सके। वाटर कूलरों की भी सफाई करवाई जाए।
सफाई नायकों ने कहा कि शाम को ही अगर डीजल मिल जाए तो सुबह 7 बजे तक ट्रैक्टर-ट्रालियों को कूड़ा उठाने के लिए रवाना कर दें। इस पर ईओ पीके श्रीवास्तव ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग वाहनों के नंबर नोट कराकर उन्हें देंगे। उन्हीं लोगों को डीजल मुहैया कराया जाएगा। इसके साथ ही यह भी नोट कराएं कि किस रूट पर और तकरीबन कितने किलोमीटर तक कूड़ा उठाने के लिए वाहन चलाया जाएगा। सफाई कराकर प्रतिदिन उसकी फोटो भी भेजी जाए। फोटो का खर्चा वह दे देंगे।
पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने बड़े बाबू जितेंद्र मिश्र को निर्देश दिए कि शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेके पर कर्मचारी रखे जाएं। पहले सांड़ों को पकड़वाया जाए। धर्मपुर कटरी में जाने वाले पशुओं की देखभाल के लिए कर्मचारी रखे जाएं, जिसका भुगतान पालिका करेगी। पशुओं के चारे-पानी की व्यवस्था भी पालिका करेगी। आवारा पशुओं को पकड़वाने का आदेश डीएम का है। इसलिए इसमें लापरवाही न बरती जाए।