फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोहिया अस्पताल में सीएमएस समेत आठ डाक्टर अनुपस्थित मिले

Wed, 13 Apr 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल के स्टोर में दवा चेक करते जिलाधिकारी अनुराग पटेल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
डाक्टर राममनोहर लोहिया अस्पताल का मंगलवार को जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएस समेत आठ डाक्टर और 15 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने इन सभी का एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


जिलाधिकारी अनुराग पटेल मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे लोहिया अस्पताल पहुंचे। अचानक डीएम के आने की भनक पर वहां का स्टाफ सतर्क हो गया। डीएम यहां से सीएमएस डाक्टर बीबी पुष्कर के कक्ष में जा पहुंचे तो सीएमएस नदारद थे। डीएम ने हाजिरी रजिस्टर चेक किया तो सीएमएस का अवकाश का पत्र रखा था।

इसके साथ ही डा. योगेंद्र सिंह, डा. एसके सिंह, डा. बीपी सचान, डा. जमीरुद्दीन, डा. गौरव गुप्ता, डा. दीपांश गुप्ता, डा. नीतू वर्मा और डा. संदीप कुमार अनुपस्थित मिले। इसके साथ ही कंप्यूटर आपरेटर, सौरभ दुबे, नर्स प्रतिभा देवी, कुतुबएजंग खां, रैना श्रीवास्तव, फार्मेसिस्ट कृतपाल शर्मा के अलावा कुलदीप सिंह, अनुराग तिवारी, शिव चौहान, अनुज यादव, अजित  कुमार, रीना स्मार्ट, ब्रजेश कुमार, जावेद खान और मुकेश त्रिपाठी अनुपस्थित थे।
विज्ञापन


डीएम ने वहां पर मौजूद प्रभारी सीएमएस डाक्टर राजेश तिवारी से कर्मचारियों के आने का समय पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने अनुपस्थित लोगों का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। इसके साथ ही इन लोगों से जवाब तलब किया है। डीएम ने बताया कि जवाब सही न होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दवा भंडार में मिलीं एक्सपायरी दवाएं
डीएम को लोहिया अस्पताल में खामियां ही खामियां मिलीं। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम से साफ तौर से कहा कि यह उनका पहला निरीक्षण है आगे ऐसा मिला तो कार्रवाई होगी। यहां पर गंदगी के साथ ही जेनरेटर नहीं चल रहा था। दवा स्टोर में जाकर दवाओं को चेक किया तो एक्सपायरी दवाएं मिलीं। उन्होंने दवाएं गड्डे में दबाने के निर्देश दिए।

डीएम निरीक्षण के दौरान पर्चा काउंटर पर पहुंचे। यहां पर उस समय 45 मरीजों के पर्चा बन चुके थे। डीएम ने लाइन में खड़े मरीजों से पूछताछ की। इसके बाद वह फिजीशियन डाक्टर अशोक कुमार के कक्ष में पहुंचे।

फिजीशियन मरीजों को देख रहे थे लेकिन वह एप्रेन नहीं पहने हुए थे। यह देखकर डीएम ने प्रभारी सीएमएस को निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान हर व्यक्ति अपनी ड्रेस पहनेगा। इसके बाद डीएम फिजीशियन कक्ष के पास स्थित रक्तचाप कक्ष में पहुंचे।

यहां पर कुर्सियां टूटी पड़ी हुई थीं। इसके साथ ही वहां पर गंदगी के साथ ही बेडशीट काफी गंदी थी। डीएम ने गंदगी को देखकर साफ-सफाई के निर्देश दिए। डीएम ने अपना बीपी भी चेक कराया। बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर विवेक सक्सेना का कक्ष और उनके पास वाला कक्ष बंद था। वार्ड ब्वाय कमलेश के पास ताले की चाबी होने पर कमलेश को बुलाया गया लेकिन वह नहीं मिला। डीएम फिजियोथेरैपी में पहुंचे।

यहां पर मशीनों पर जाला लगा देखकर डीएम ने वहां पर मौजूद विवेक से नाराजगी जाहिर की। डीएम ने मशीन का रखरखाव सही से रखने के निर्देश दिए। डीएम ने पैथोलॉजी सेंटर को भी देखा। यहां पर एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने खून की जांच के लिए अपना खून दिया।

इसके बाद डीएम अल्ट्रासाउंड कक्ष में जा पहुंचे। यहां पर मौजूद मरीज राजीव निवासी कुबेरपुर ने डीएम को बताया कि वह काफी समय से बैठा है लेकिन उसका एक्सरे नहीं हुआ है। उस समय बिजली नहीं आ रही थी। डीएम ने जेनरेटर चलवाकर मरीजों के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने के निर्देश दिए।

कई कक्षों में गंदगी होने पर उसे साफ करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वहां भी खामियां मिली और मरीजों ने खाना न मिलने की शिकायत भी की। डीएम ने इस समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम को अस्पताल मेंगंदगी और बिजली की सबसे ज्यादा समस्या निरीक्षण के दौरान सामने आई।

जो मरीज सामने कह रहा है वह सही
जिलाधिकारी जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए जा पहुंचे। जरनल वार्ड में भर्ती मरीज मुन्नालाल और उर्मिला देवी ने डीएम को बताया कि वह सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनको देखने के लिए कोई भी डाक्टर नहीं आए। यह सुनकर डीएम के साथ चल रहे डाक्टर प्रदीप ने मरीजों की बात को काट दिया। यह सुनकर डीएम ने डाक्टर की क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि जो मरीज सामने कह रहा है वह सही है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें