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स्थानीय व्यापारी खरीद नहीं रहे, किसान बाहर भेज रहे आलू

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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। क्षेत्रीय व्यापारियों के न खरीदने से किसानों को अपना चिप्सोना आलू बाहर की मंडियों में भेजना पड़ रहा है। होली के बाद आलू खोदकर जिन किसानों ने ढेर लगा दिया था। वह अब बोरी में भरकर बिक्री के लिए दूसरे जिले में भेज रहे हैं।
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गांव बिचपुरी में ऊधनसिंह के बाग में गांव वालों का करीब पांच हजार बोरी आलू के अलग-अलग ढेर लगे हैं। यह आलू होली के बाद खोदा गया है।
गर्मी अधिक पड़ने से आलू खराब हो जाने की आशंका से कुछ किसानों ने बोरी में आलू भरकर बाहर की मंडियों में भेजना शुरू कर दिया है। गांव निवासी राजीव वर्मा ने बताया कि लखनऊ में 600 रुपये बोरी चिप्सोना आलू बिक रहा है।
खर्चा निकाल कर 1050 रुपये प्रति क्विंटल के दाम आ रहे हैं। रणवीर सिंह ने बताया कि यह पहला मौका है कि सफेद आलू ख्याती व पुखराज की तुलना में चिप्सोना का भाव इतना कम है।
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आलू व्यापारी इसरार का कहना है कि बाहर की मंडियों में दागी आलू की मांग बहुत कम है। इसके चलते क्षेत्रीय व्यापारी फिलहाल आलू नहीं खरीद रहे हैं।
होली से पहले खोदे गए आलू के ढेर मजबूत हैं, लेकिन बाद वाला दागी हो रहा है। इधर, सातनपुर मंडी में भी आलू की आमद कम हो रही है।
सौ ट्रक आलू ही शुक्रवार को मंडी में पहुंचा। भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल आने से 501 से लेकर 651 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। पिछले दिनों में मंडी में दागी आलू आने से खरीदारी सुस्त रही।
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