फर्रुखाबाद। लिंक एक्सप्रेसवे के कटों की डिजाइन बदल गई हैं। इससे अब कट की सड़कें गोलाकार न बनाकर सीधे एक्सप्रेसवे से उतारी जाएंगी। इससे किसानों की आधी भूमि ही अधिग्रहीत होगी। यूपीडा की नई डिजाइन के आधार पर लेखपाल अब दोबारा सर्वे करेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे से जनपद को जोड़ने के लिए 91 किमी दूरी का लिंक एक्सप्रेसवे स्वीकृत है। जनपद के लिंक एक्सप्रेसवे में चार कट दिए गए थे। तहसील सदर क्षेत्र में हथियापुर, नीबकरोरी व मदन में, जबकि अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव गंधिया में लिंक एक्सप्रेसवे से उतरने और चढ़ने के लिए कट दिए गए थे। कट की डिजाइन गोलाकार बनाई गई थी।
इसमें किसानों की अधिक भूमि अधिग्रहीत होने से प्रबल विरोध शुरू हो गया था। इसके चलते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हथियापुर में आकर प्रशासन से बात की थी। इसी के बाद प्रशासन ने यूपीडा को डिजाइन बदलने का प्रस्ताव भेजा।
इसके चलते उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने लिंक एक्सप्रेसवे की डिजाइन में बदलाव किया है। इससे अब कट गोलाकार के बजाए सीधे बनाए जाने से किसानों की अधिक भूमि का अधिग्रहण नहीं होगा। एसडीएम अमृतपुर संजय कुमार सिंह ने बताया कि कट की बदली डिजाइन के अनुसार गांव गंधिया में 52 हेक्टेयर की जगह अब 31 हेक्टेयर भूमि पर कट का निर्माण हो जाएगा। जबकि गांव उजरामऊ में 42 हेक्टेयर की जगह 21 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत होगी।
एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय ने बताया कि गांव बाबरपुर, अदिउली, नदौरा, रसीदपुर, फगुना अतनपुर, खिमसेपुर, नीबकरोरी, बरौन व मदनपुर में भूमि अधिग्रहण के लिए लेखपालों को दोबारा सर्वे करने के लिए सूची दी गई है। गोलाकार के बजाए सीधे कट बनने से काफी कम भूमि अधिग्रहीत की होगी। नई डिजाइन के अनुसार लिंक एक्सप्रेस-वे के कटों का निर्माण कराया जाएगा।