फर्रुखाबाद। वृद्ध की चाकुओं से गोदकर हत्या कर बहन को घायल करने के अपराध में न्यायाधीश ने आरोपी को हत्या व जानलेवा हमला करने में दोषी करार दिया। दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न देने पर एक महीने के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भोलेपुर ठाकुरद्वारा मंदिर के पास का निवासी विशाल पुत्र स्व. दीपक शर्मा ने 16 दिसंबर 2023 को अपने मामा की हत्या करने, मां पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि वह करीब डेढ़ साल पहले अपनी पत्नी के साथ मसेनी चौराहे के पास ससुराल में रहने लगा था।
बीच-बीच में मां के पास आता-जाता था। 16 दिसंबर 2023 को करीब दो बजे रात में मां ज्योति का उसके पास फोन आया। मां ने बताया कि जल्दी आ जाओ। तुम्हारे मामा का गला कट गया है। मौके पर जाकर देखा तो मामा अजय शर्मा (50) का शव घर में मंदिर के पास पड़ा था। शरीर पर धारदार चोटें थीं। मां के भी चोटें लगी थीं। उनकी सांस चल रही थी।
घर में मौजूद मोहल्ला शीशमबाग निवासी नाहिद उर्फ नूर ने बताया कि वैभव गुप्ता पुत्र संजय गुप्ता ने चाकुओं से गोदकर तुम्हारे मामा की हत्या कर दी है। वह मां को घायल कर भाग गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर वैभव गुप्ता व नाहिद उर्फ नूर के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे नौ मेराज अहमद ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
साक्ष्य के अभाव में नाहिद उर्फ नूर को दोषमुक्त कर दिया, जबकि वैभव गुप्ता के खिलाफ गवाह व साक्ष्य के आधार पर हत्या व जानलेवा हमला करने के अपराध में दोषी करार दिया। दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।