अपर जिला जज छह के न्यायाधीश शाकिर हसन ने रिश्तेदार की बेटी से दुष्कर्म के मुकदमे की पैरवी करने वाले ग्रामीण की हत्या के मुकदमे में दो भाइयों समेत छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 23-23 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कुमार सिंह के मुताबिक राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी ग्रामीण के एक रिश्तेदार की पुत्री के साथ दुष्कर्म हुआ था। इसमें गांव के रहने वाले वीरपाल उर्फ वीरू, गांव सबलपुर निवासी सगे भाई विनोद सिंह, अतुल सिंह व गांव के सतीश, विपिन सिंह, प्रदीप सिंह आरोपी थे। दुष्कर्म के मुकदमे की ग्रामीण पैरवी करता था।
वह 1 जुलाई 2011 को मुकदमे की तारीख करने कचहरी फतेहगढ़ गया था। शाम को कचहरी से गांव जाते समय गांव अंबरपुर के पास पहुंचने पर आरोपी वीरपाल उर्फ वीर व अन्य आरोपियों ने उसे घेर कर गोली मार दी। इसके बाद कुल्हाड़ी से कई वार कर मार डाला। घटना की रिपोर्ट मृतक के पुत्र ने वीरपाल उर्फ वीरू, विनोद सिंह, अतुल सिंह, सतीश, विपिन सिंह, प्रदीप सिंह के खिलाफ दर्ज कराई थी।
विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को हत्या, षड़यंत्र में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया। आरोपी वीरपाल व अतुल को आर्म्स एक्ट मुकदमे में भी दोषी पाकर तीन-तीन साल की सजा सुनाई और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। सभी सजाएं एक साथ चलने के आदेश दिए है।