फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: रंगदारी न देने पर दुकानदार की हत्या में दोषी को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश अंकित कुमार मित्तल ने हत्या के मामले में दोषी मोनू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी पुष्पा देवी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए छह माह की सदाचार परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन


कोतवाली फतेहगढ़ के गांव बहेलियन नगला उर्फ हुल्ली सिंह नगला मौजा हुसैनपुर नौखंडा निवासी सुरेंद्र ने 7 नवंबर 2023 को दी तहरीर में बताया कि वह अपने भाई नरेंद्र व पिता फूल सिंह के साथ गांव में समोसे की दुकान रखे थे। पिता फूल सिंह से आरोपी मोनू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह ने शराब के लिए एक हजार रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए चले गए और बाद में बेलचा, डंडा व अन्य हथियारों के साथ लौटकर हमला कर दिया। मोनू ने लोहे के बेलचे से पिता फूल सिंह के सिर पर वार किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मोनू की मां पुष्पा देवी के हाथ में पाटी और उसके भाई के हाथ में बका था। घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान 7 नवंबर 2023 को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। विवेचना के बाद पुलिस ने मोनू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह, उसकी मां पुष्पा देवी तथा अपचारी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी सुरेंद्र, घायल नरेंद्र सिंह समेत 11 गवाह पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सीय परीक्षण, पंचायतनामा और आला कत्ल बरामदगी सहित विभिन्न दस्तावेज भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया कि फूल सिंह कुत्ते के पीछे दौड़ते समय बिजली के खंभे से टकराकर घायल हुए थे लेकिन न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को विश्वसनीय माना। न्यायालय ने मोनू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर तीन महीने के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया। वहीं सह-आरोपी पुष्पा देवी को मारपीट व धमकी देने के मामले में दोषसिद्ध पाते हुए परिवीक्षा अधिनियम के तहत छह माह की सदाचार परिवीक्षा पर 20 हजार रुपये के निजी बंधपत्र व प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें