अमृतपुर। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा भी काम नहीं आया। तेेंदुआ पिंजरे से दस मीटर दूर तक पहुंचकर लौट गया। वन विभाग के अधिकारियों ने गन्ने के खेतों में कांबिंग की तो कई जगह पंजे के निशान मिले हैं। तेंदुए ने एक नीलगाय का शिकार भी किया। अब ड्रोन कैमरे से उसकी निगरानी की जाएगी।
तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में तेंदुए के आने से आशा की मड़ैया, गौटिया, सबलपुर, जगतपुर, रामपुर, जोगराजपुर आदि गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं। तीन दिन से उदयपुर कंचनपुर में तेंदुआ का आना जाना बना हुआ है।
गुरुवार की रात तेंदुए ने गोशाला के पास एक नीलगाय को अपना शिकार बना लिया। ग्रामीण भय से गन्ने के खेत में नहीं जाते हैं। वन विभाग द्वारा तेंदुआ को पकड़ने के लिए गांव से आधा किलोमीटर दूर पिंजरा लगाया गया था।
रात में तेंदुआ पिंजरेे से दस मीटर दूर तक आया और चला गया। उसके पंजों के निशानों से इसका पता चला। वन क्षेत्राधिकारी उदय प्रताप सिंह ने शुक्रवार सुबह पहुंच कर पंजे के निशान देखे और ग्रामीणों के साथ गन्ना के खेतों में कांबिंग की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए एक और प्रयास किया जाएगा। उसकी चहलकदमी गांव के पास तक है। गन्ने की फसल का क्षेत्रफल अधिक होने से तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल पा रही है। अब उसकी ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी।
अमृतपुर। तेंदुए को पकड़ने में नाकाम होने पर डीएफओ पीके उपाध्याय ने प्रधान मुख्य वन रक्षक वन्य जीव उत्तर प्रदेश लखनऊ को पत्र भेजा है। इसमें तेंदुआ को पकड़ने के लिए टीम भेजने की मांग की है।
डीएफओ ने बताया कि लखनऊ से जो टीम आएगी वह तेंदुए को पकड़ने में कामयाब होगी। उसके पास तेंदुआ को बेहोश करने की गन है। उसी गन में इंजेक्शन डालकर मारा जाएगा। इससे तेंदुए के बेहोश हो जाने पर पकड़ लिया जाएगा।