फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जानलेवा हमले के मुकदमे में दोबारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। नवाबगंज थानाध्यक्ष को मुकदमे की दोबारा विवेचना करने का आदेश दिया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया बबुरारा निवासी हरिभान सिंह ने गांव के मुलायम सिंह, राजीव, गुड्डू, भारती, प्रमोद, भालू के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर 19 नवंबर 2018 को जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा कि 1 नवंबर 2017 को भाई सतेंद्र उर्फ जितेंद्र के साथ वह खेत में घूरा डाल रहे थे। उसी समय आरोपी लाठी-डंडे व हथियार लेकर आए और मेड़ काटने का आरोप लगा मारपीट व फायरिंग करने लगे। भाई सतेंद्र गोली लगने से घायल हो गया।
ताबड़तोड़ फायरिंग में गोली लगने से आरोपी मुलायम सिंह के भतीजे पुष्पेंद्र की मौत हो गई। कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में विवेचक ने वर्ष 2019 में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
पीड़ित हरिभान सिंह ने गलत तरीके से फाइनल रिपोर्ट लगाने का कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने 21 अक्तूबर 2019 को फाइनल रिपोर्ट खारिज कर नवाबगंज थानाध्यक्ष को दोबारा विवचेना करने के आदेश दिए थे।
विवेचक ने दोबारा फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित हरिभान सिंह के अधिवक्ता महेश यादव ने दोबारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने दोबारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर नवाबगंज थानाध्यक्ष को फिर से जांच करने का आदेश दिया है।