अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। ग्राम सभा की नौ बीघा जमीन को बिना एसडीएम का आदेश लिए कब्जामुक्त कराने गए लेखपाल को ग्रामीणों ने घेर लिया। उसे खदेड़ कर हाथापाई कर दी। उसने एक घर में घुसकर कर जान बचाई। पुलिस वाले इधर उधर हो गए। एक ग्रामीण की झोपड़ी में आग लगा दी गई। थाने से पुलिस बल पहुंचने पर विवाद शांत हुआ। लेखपाल को ग्रामीण के घर से निकाल कर पुलिस थाने लाई। लेखपाल की तहरीर पर नौ ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, अभिलेख फाड़ने व जिंदा जलाने को झोपड़ी में आग लगाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ग्राम सभा कुड़री सारंगपुर के मजरा करनपुर घाट में तीन माह पूर्व 9 बीघा ग्राम समाज की भूमि का पट्टा शीशराम, उमेश चंद्र, वीरपाल व महिपाल के नाम हुआ था। इस जमीन पर पहले से कुछ ग्रामीण कब्जा किए थे। बुधवार को लेखपाल रमेश कुमार, दरोगा दिलीप कुुमार कंचन व पुलिस कर्मियों के साथ भूमि को कब्जा मुक्त करवाने गांव पहुंचे। खेत में खड़े पौधों को जोतने के लिए ट्रैक्टर घुसते ही कब्जेदार अन्य लोगों के साथ वहां आ गए। लेखपाल को घेर कर कब्जा हटवाने संबंधी एसडीएम का आदेश दिखाने को कहा। वह आदेश नहीं दिखा सका। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने उसे घेर कर हाथापाई शुरू कर दी। लेखपाल भागकर एक ग्रामीण के घर में घुस गया। अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस कर्मी भी इधर-उधर हो गए। इसी बीच किसी ने देशराज की झोपड़ी में आग लगा दी। इससे अफरा-तफरी मच गई। लेखपाल व दरोगा की सूचना पर थानाध्यक्ष ने फोर्स गांव भेजा। तब विवाद शांत हुआ। झोपड़ी में लगी आग पर पानी डाल कर काबू पाया गया। पुलिस लेखपाल को घर से निकाल कर थाने लाई।
लेखपाल रमेश कुमार ने ग्रामीण देशराज, मनोज कुमार, कल्याण यादव, कमलेश, हरिनाथ, रक्षपाल, प्रेमपाल, सर्वेश, समर सिंह यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें सरकारी कार्य में बाधा, अभिलेखों को फाड़ने और जिंदा जलाने को झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया है। आरोपी देशराज ने लेखपाल व दरोगा पर ग्रामीणों से मारपीट करने व झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया है। कहा कि जिस जमीन का पट्टा किया गया है वह पहले से पट्टे पर थी और कमिश्नर के यहां मुकदमा भी चल रहा है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से दो को हिरासत में लिया है।
आगजनी का वीडियो बनाते युवक का छीना मोबाइल
ग्रामीणों ने बताया कि दरोगा और पुलिस कर्मियों ने मारपीट कर झोपड़ी में आग लगा दी। युवक मनोज कुमार अपने मोबाइल पर इसका वीडियो बना रहा था। दरोगा ने देख लिया और उसका मोबाइल छीन लिया। ताकि आगजनी की घटना का आरोप ग्रामीणों पर लगाया जा सके। दरोगा दिलीप कुमार कंचन ने बताया कि उन्होंने किसी का मोबाइल नहीं छीना। ग्रामीणों ने खुद झोपड़ी में आग लगाई है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
लेखपाल ने जमीन कब्जामुक्त कराने को फोर्स मांगा था। एक दरोगा और पुलिस कर्मियों को उसके साथ में भेजा था। लेखपाल के पास एसडीएम का आदेश था कि नहीं, इसकी जानकारी नहीं थीं। लेखपाल की तहरीर पर नौ ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। -जसवंत सिंह, एसओ अमृतपुर
ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त करवाना लेखपाल की जिम्मेदारी है। लेखपाल अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके लिए आदेश की कोई जरूरत नहीं है।
बृजेंद्र कुमार, एसडीएम अमृतपुर